हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड महारत्न बनने वाली भारत की 14 वीं कंपनी
भारत सरकार ने पीएसयू कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को ‘महारत्न’ का दर्जा दिया है। इसके साथ, एचएएल ‘महारत्न’ का दर्जा पाने वाली भारत की 14 वीं कंपनी बन गई है। डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर यह जानकारी साझा की।
किसी भी अन्य महारत्न कंपनी की तरह, एचएएल को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विलय, अधिग्रहण और रणनीतिक निवेश करने की स्वतंत्रता होगी।
डीपीई ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय पीएसयू कंपनी एचएएल को 14वें महारत्न सीपीएसई के स्तर पर अपग्रेड करने को मंजूरी दे दी है। वित्त सचिव की अध्यक्षता वाली अंतर-मंत्रालयी समिति (IMC) और कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली शीर्ष समिति ने पहले इस प्रस्ताव की सिफारिश की थी।

कंपनी का सालाना टर्नओवर 28,162 करोड़ रुपये है। HAL रक्षा उत्पादन विभाग (DoDP) का केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम (CENTRAL PUBLIC SECTOR ENTERPRISES) है। कंपनी का वित्तीय वर्ष 2023-24 में 28,162 करोड़ रुपये का वार्षिक कारोबार और 7,595 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है।
महारत्न का दर्जा मिलने के बाद एचएएल के क्या फायदे हैं? महारत्न का दर्जा प्राप्त करने के बाद, एचएएल के पास स्वायत्तता, उच्च निवेश क्षमता और रणनीतिक लचीलापन होगा। एचएएल अब बिना किसी सरकारी मंजूरी के 5,000 करोड़ रुपये या अपने नेटवर्थ का 15% तक निवेश कर सकता है।
एचएएल ने एक साल में 125% रिटर्न दिया शुक्रवार को एचएएल का शेयर 0.94 पर्सेंट की गिरावट के साथ 4,440 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में इसके शेयरों में 22% और एक साल में 125.56% का रिटर्न मिला है। अगर इस साल की बात करें तो कंपनी ने 1 जनवरी से अब तक 57.09% रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 2.97 लाख करोड़ रुपये है।
