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Hair Transplant Risks and Precautions: हेयर ट्रांसप्लांट कराना बन सकता है मौत की वजह, रखे इन बातों का खास ख्याल…

Hema Gupta May 16, 2025

Hair Transplant Risks and Precautions: आधुनिक दौर में बाल झड़ने की समस्या आम हो चुकी है, और इससे निपटने के लिए हेयर ट्रांसप्लांट को एक बेहद लोकप्रिय विकल्प माना जा रहा है। चाहे फिल्मी सितारे हों या आम लोग—हर कोई घने बालों की चाह में इस प्रोसीजर की ओर आकर्षित हो रहा है। लेकिन जितना आसान यह प्रोसेस विज्ञापनों में दिखाया जाता है, असल में यह उतना ही जटिल और संवेदनशील होता है। अगर सावधानी न बरती जाए, तो हेयर ट्रांसप्लांट कई तरह की समस्याओं का कारण बन सकता है।

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हेयर ट्रांसप्लांट क्या है?

हेयर ट्रांसप्लांट एक सर्जिकल प्रक्रिया है जिसमें शरीर के एक हिस्से से बालों की जड़ों (फॉलिक्यूल्स) को निकालकर सिर के गंजे या कम बालों वाले हिस्से में प्रत्यारोपित किया जाता है। इसके दो प्रमुख तरीके हैं:

FUT (Follicular Unit Transplantation)

इसमें एक स्किन स्ट्रिप निकाली जाती है और फिर उसमें से बालों की जड़ें अलग करके सिर में ट्रांसप्लांट की जाती हैं।

FUE (Follicular Unit Extraction)

इसमें बालों की जड़ों को एक-एक कर निकालकर गंजे हिस्से में प्रत्यारोपित किया जाता है। यह तकनीक कम दर्दनाक मानी जाती है और स्कार्स भी कम होते हैं।

हेयर ट्रांसप्लांट के दौरान और बाद में क्या समस्याएं हो सकती हैं?

1. इंफेक्शन (Infection)

हेयर ट्रांसप्लांट एक इनवेसिव सर्जिकल प्रोसीजर है। अगर ऑपरेशन के दौरान या बाद में सफाई का पूरा ध्यान न रखा जाए तो स्कैल्प में बैक्टीरियल इंफेक्शन हो सकता है। इससे सूजन, पस और तेज दर्द हो सकता है। कई बार मरीज को एंटीबायोटिक दवाएं लेनी पड़ती हैं।

2. ब्लीडिंग और स्कैबिंग

सर्जरी के दौरान खून निकलना आम बात है, लेकिन कुछ मामलों में अत्यधिक ब्लीडिंग होती है, जिसे रोकने के लिए अतिरिक्त चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, सर्जरी के बाद स्कैल्प पर पपड़ी (scabs) बन जाती है, जो कुछ समय बाद झड़ती है। अगर इन्हें ज़ोर से हटाया जाए, तो वह ट्रांसप्लांटेड हेयर को भी नुकसान पहुंचा सकती है।

3. स्वेलिंग (सूजन)

ट्रांसप्लांट के बाद माथे, आंखों या चेहरे पर सूजन आना एक सामान्य दिक्कत है। ये सूजन 2–5 दिन तक रह सकती है। हालांकि यह खतरे वाली स्थिति नहीं होती, लेकिन अगर सूजन लंबे समय तक बनी रहे तो डॉक्टर से सलाह ज़रूरी है।

4. इचिंग और रेडनेस (खुजली और लालिमा)

सर्जरी के बाद स्कैल्प में खुजली और लालिमा की समस्या आम होती है। यह स्कैल्प के ड्राय हो जाने या किसी स्किन रिएक्शन के कारण हो सकता है। कभी-कभी यह समस्या इतनी बढ़ जाती है कि मरीज को रातभर नींद नहीं आती।

5. शॉक लॉस (Shock Loss)

शॉक लॉस वह स्थिति है जिसमें ट्रांसप्लांट के कुछ हफ्तों बाद बाल झड़ने लगते हैं। यह अस्थायी स्थिति होती है, लेकिन यह मरीज को मानसिक रूप से परेशान कर सकती है। ट्रांसप्लांट के बाद पुराने बाल भी झड़ सकते हैं, जिन्हें वापस आने में कई महीने लग सकते हैं।

6. अनइवन हेयर ग्रोथ

कुछ मरीजों में बालों की वृद्धि अनियमित हो सकती है। ट्रांसप्लांट किए गए बाल एकसमान दिशा या घनत्व में न उगें तो उनका लुक काफी अजीब लग सकता है। इसे सुधारने के लिए कई बार दूसरा सत्र (सर्जरी) करना पड़ता है।

7. स्कार्स और स्थायी निशान

FUT तकनीक में स्कैल्प पर स्ट्रिप निकालने से एक स्थायी निशान (scar) रह सकता है। वहीं FUE में भी अगर प्रोसीजर सही तरीके से न हो तो छोटे-छोटे बिंदुओं के निशान रह जाते हैं, जो बाद में बालों से ढकें न जाएं तो नजर आते रहते हैं।

लंबे समय में हो सकने वाली जटिलताएं..

1. असंतुलित हेयरलाइन

गलत प्लानिंग या अनुभवहीन सर्जन द्वारा की गई सर्जरी में हेयरलाइन का नेचुरल लुक नहीं आ पाता, जिससे चेहरा असंतुलित दिख सकता है।

2. ट्रांसप्लांटेड बालों की उम्र सीमित

कुछ मामलों में ट्रांसप्लांट किए गए बाल कुछ सालों तक ही टिकते हैं और धीरे-धीरे फिर से झड़ने लगते हैं। यह तब होता है जब डोनर एरिया से कमजोर फॉलिक्यूल्स लिए गए हों।

3. सेंसिटिविटी और सुन्नपन

सर्जरी के बाद कुछ लोगों को स्कैल्प के हिस्सों में सुन्नपन या सेंसिटिविटी का अनुभव होता है। यह नर्व डैमेज के कारण होता है और कभी-कभी लंबे समय तक रह सकता है।

कौन लोग हेयर ट्रांसप्लांट से बचें?

1. जिनकी उम्र 25 साल से कम है: बालों का झड़ना अभी स्टेबल नहीं हुआ होता।

2. क्रॉनिक स्किन डिज़ीज़ (जैसे सोरायसिस, डर्मेटाइटिस) वाले मरीज

3. डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर के गंभीर मरीज

4. जो लोग केमोथैरेपी या हार्मोनल इलाज ले रहे हों

5. मनोवैज्ञानिक रूप से बेहद संवेदनशील लोग, जिन्हें बालों के झड़ने से गहरी मानसिक परेशानी हो

कैसे बचें इन जोखिमों से?

1. अनुभवी और प्रमाणित डॉक्टर चुनें – सस्ती क्लीनिक या लोकल विज्ञापन से बचें।

2. सर्जरी से पहले पूरी मेडिकल जांच कराएं – एलर्जी, ब्लड टेस्ट आदि ज़रूरी हैं।

3. सर्जरी के बाद दिए गए निर्देशों का सख्ती से पालन करें – जैसे कि एंटीबायोटिक लेना, सिर को धूप से बचाना, समय पर शैंपू करना आदि।

4. हेल्दी डाइट और लाइफस्टाइल अपनाएं – ट्रांसप्लांट के बाद बालों को पोषण देना भी उतना ही जरूरी है।

हेयर ट्रांसप्लांट बना मौत की वजह…कानपुर का मामला..

बीते कुछ दिन पहले ही हेयर ट्रांसप्लांट से मौत की खबर आई थी सामने…उत्तर प्रदेश के कानपुर में हेयर ट्रांसप्लांट के बाद एक इंजीनियर की मौत का मामला सामने आया। मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया है कि क्लिनिक ने न तो कोई सही मेडिकल जांच की और न ही विशेषज्ञ परामर्श लिया, बल्कि सीधे हेयर ट्रांसप्लांट कर दिया गया। सर्जरी के बाद इंजीनियर के चेहरे पर गंभीर सूजन आ गई, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ती चली गई और आखिरकार मौत हो गई।

इससे पहले 19 नवंबर 2024 को भी इसी क्लिनिक में हेयर ट्रांसप्लांट कराने के बाद एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई थी।

 

 

About the Author

Hema Gupta

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"मैं हेमा गुप्ता, पिछले 2 वर्षों से मीडिया इंडस्ट्री में सक्रिय हूं। एक क्रिएटिव और पैशनेट कंटेंट राइटर होने के साथ-साथ मैं ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी अनुभव रखती हूं। मेरा फोकस स्पोर्ट्स, एंटरटेनमेंट, सनातन संस्कृति और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों पर रहता है। सटीकता, सरल भाषा और रोचकता मेरी लेखन शैली की खासियत है। चाहे डिजिटल प्लेटफॉर्म हो या ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग, मेरा मकसद हमेशा ऑडियंस को सही और दिलचस्प जानकारी पहुंचाना है.

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