ट्रंप का नया H-1B ‘गेमप्लान’: अब लॉटरी नहीं, सैलरी तय करेगी वीजा का भाग्य
h1b visa trump high salary system 2026 : पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अगुवाई वाली प्रशासनिक टीम ने H-1B वीजा प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव का प्रस्ताव रखा है। यदि यह नियम लागू हुआ, तो अमेरिका की सबसे चर्चित वीजा कैटेगरी H-1B वीजाका मौजूदा लॉटरी सिस्टम इतिहास बन जाएगा।
अभी क्या है?
हर साल 85,000 H-1B वीजा आवंटित होते हैं आवेदनों की संख्या ज्यादा होने पर रैंडम लॉटरी सिस्टम से चयन होता है, कोई भी पात्र व्यक्ति समान मौका पाता है – सैलरी की परवाह नहीं
अब क्या प्रस्ताव है?
जिनकी सैलरी ज्यादा, उनके वीजा मिलने के चांस ज्यादा है, नए नियम के तहत, उम्मीदवारों को 4 वेतन श्रेणियों में बांटा जाएगा।
| वेतन श्रेणी (अनुमानित) | लॉटरी में मौके |
|---|---|
| $162,500+ (₹1.44 Cr+) | 4 बार |
| $130,000+ (₹1.15 Cr+) | 3 बार |
| $100,000+ (₹88 लाख+) | 2 बार |
| एंट्री लेवल (< ₹70 लाख) | 1 बार |
मतलब: सैलरी जितनी ज्यादा, वीजा पाने का चांस उतना ही अधिक।
कब लागू होगा?
प्रस्ताव फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित हो चुका है, 30 दिन तक जनता की राय ली जाएगी और फिर मंजूरी मिलने पर ये नियम अप्रैल 2026 की वीजा साइकिल से लागू हो सकते हैं
भारत पर सीधा असर: कौन जीतेगा, कौन हारेगा?
फायदा किसे?
AI, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी जैसे हाई स्किल्ड प्रोफेशनल को, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन जैसी कंपनियों के कर्मचारी और जिनकी सालाना सैलरी ₹1.3 करोड़+ है
नुकसान किसे?
नए ग्रेजुएट्स, एंट्री लेवल इंजीनियर्स, टीसीएस, इन्फोसिस, विप्रो जैसी भारतीय कंपनियां और जिनके कर्मचारियों की सैलरी आमतौर पर ₹25-60 लाख होती है
कम सैलरी = कम मौका ट्रंप की नीति का यही मूल मंत्र है।
फीस भी बढ़ी: अब H-1B के लिए ₹88 लाख!
22 सितंबर 2025 से, ट्रंप प्रशासन ने H-1B एप्लिकेशन फीस को बढ़ाकर $100,000 (₹88 लाख) कर दिया है। पहले यह फीस करीब ₹6 लाख होती थी।
यह कदम छोटी कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए बड़ी चुनौती बनेगा।
ट्रंप पहले भी कर चुके हैं कोशिशें
2017-2021 के बीच ट्रंप ने H-1B वीजा प्रक्रिया सख्त करने की कोशिश की थी, कोर्ट केस और राष्ट्रपति चुनाव में हार के चलते योजना पूरी नहीं हो पाई बाइडेन ने वीजा नियमों को स्थिर रखा अब 2025 में ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने H-1B को “मेरिट-बेस्ड सिस्टम” बनाने की प्रक्रिया फिर शुरू कर दी है।
ट्रंप सरकार का तर्क: अमेरिका को चाहिए “बेस्ट टैलेंट”
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार अगर नया सिस्टम लागू हुआ तो
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- 2026 में कर्मचारियों की कुल सैलरी $502 मिलियन बढ़ेगी
- 2027 में $1 बिलियन,
- 2028 में $1.5 बिलियन
- 2029 से 2035 तक हर साल $2 बिलियन की बढ़ोतरी
लेकिन! इससे 5,200 छोटे बिजनेस बुरी तरह प्रभावित होंगे।
