GYARASPUR NEWS: ग्यारसपुर कभी सम्मान के साथ “अन्नदाता” कहे जाने वाले किसान, आज अपनी ही उपज की तुलाई में ठगे जा रहे हैं। धामनोद क्षेत्र के हैदरगढ़ समिति तुलाई केंद्र पर नियमों की अनदेखी और व्यवस्थागत लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। यहां किसानों से तय मानक से अधिक गेहूं तौला जा रहा है. और वो भी बिना किसी स्पष्ट कारण या सूचना के।

हर बोरी पर आधा किलो गेहूं ‘अतिरिक्त’ जा रहा
GYARASPUR NEWS: जानकारी के अनुसार, निर्धारित 50 किलो 600 ग्राम की जगह किसानों से 51 किलो 150 ग्राम तक गेहूं लिया जा रहा है। यानी हर बोरी पर आधा किलो गेहूं ‘अतिरिक्त’ जा रहा है, जिसे न तो किसान की मेहनत मानते हैं और न ही व्यवस्था गलती। यह ‘अतिरिक्त’ मात्रा, किसानों के अनुसार, सीधे तौर पर उनकी मेहनत पर चोट है।
GYARASPUR NEWS: तौल कांटा बना किसानों की शंका का केंद्र
तुलाई केंद्र पर लगा इलेक्ट्रॉनिक कांटा भी खुद को निष्पक्ष साबित नहीं कर पा रहा। अक्सर यह या तो ‘डिस्टर्ब’ हो जाता है या फिर ‘गलत तौल’ देता है। किसानों का कहना है कि मशीन की बार-बार गड़बड़ी अब महज़ तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि एक साजिश लगने लगी है।
प्रबंधन की चुप्पी, प्रशासन की दूरी
समिति प्रबंधक की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। किसान लगातार इस गड़बड़ी की शिकायत कर रहे हैं, मगर कार्रवाई नाम की चीज़ अब तक कहीं नज़र नहीं आई। मामला जितना तकनीकी है, उससे कहीं ज़्यादा अब यह भरोसे का हो चला है।
GYARASPUR NEWS: किसानों का सवाल – हम ही हर बार क्यों झुकें?
एक किसान ने तंज भरे लहजे में कहा, “हम खेत में पसीना बहाते हैं, फिर तौल केंद्र पर गेहूं भी बहा देते हैं। नियमों का बोझ हमेशा हमारे कांधों पर क्यों हो?”
और जवाब में वही पुराना राग
जिला आपूर्ति अधिकारी अनिल कुमार ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “आपके माध्यम से जानकारी मिली है, स्थानीय अधिकारी को भेजकर जांच कराई जाएगी।”यह बयान कम और एक तयशुदा स्क्रिप्ट लग रहा है, जो हर विवाद में बिना संशोधन के उपयोग की जाती है।
प्रबंधक का पक्ष भी आया सामने
इस संबंध में जब समिति प्रबंधक नारायण शर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा, “तुलाई कांटों का प्रतिदिन सत्यापन कराया जाता है। इसके बावजूद अगर गड़बड़ी सामने आ रही है, तो हम इसकी जांच करवाकर कारणों का पता लगाएंगे।”अब देखना यह है कि यह “जांच” कितनी पारदर्शी होगी, और किसान की पीड़ा सिर्फ शब्दों में सिमटकर रह जाएगी या उसे न्याय भी मिलेगा।
