प्रदेशाध्यक्ष की तरफ से चल रहा था नाम
ग्वालियर में भाजपा के जिलाध्यक्ष के तौर पर जयप्रकाश राजौरिया का नाम सामने आते ही बड़े नेताओं के गणित भी खराब साबित हुए हैं, ना सिंधिया गुट की चली और न ताेमर अपनी चला पाए।प्रदेशाध्यक्ष की तरफ से जाे नाम ग्वालियर से चल रहा था,आखिर में उसी पर संगठन को मुहर लगानी पड़ी,बताया जा रहा है की वीडी शर्मा जयप्रकाश के नाम काे लेकर अड़े हुए थे और उनके आगे किसी का गणित सफल न हाे सका। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिवंगत प्रभात झा के खास माने जाने वाले जयप्रकाश राजौरिया वीडी के अत्यंत करीबी हैं,

गहन चिंतन मनन के बाद ग्वालियर काे मिला जिला अध्यक्ष
दिवंगत नेता प्रभात झा के करीबी रहे जय प्रकाश राजौरिया का मूल स्थान मूरैना है,हाल में उनका निवास स्थान ग्वालिर थाटीपुर पर है,भाजपा के दिवंगत नेता प्रभात झा के वह बहुत करीबी थे, जय प्रकाश राजाैरिया प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य रहे,उसके बाद प्रदेश कार्यसमिति सदस्यों को जिले का प्रभारी बनाया जाता है जयप्रकाश राजौरिया वह भी रहे हैं।ग्वालियर की जमीनी उठापटक से दूर रहे जयप्रकाश राजौरिया का प्रदेश की राजनीति के बड़े ठिकानाें से जुड़े हाेने से जयप्रकाश राजौरिया ग्वालियर में सदर बनने में कामयाब रहे।
सिंधिया गुट और ताेमर गुट काे मनाने की हुई कवायत

जिला अध्यक्षाें की घोषणा के बीच ग्वालियर चंबल अंचल के अटकले चल रही थीं। एक के बाद एक जिलाध्यक्ष घोषित ही रहे थे, लेकिन गालियर को लेकर कोई घाेषणा नहीं हो रही थी,आपकाे बता दें की कई दिनों से पार्टी में सबसे ज्यादा चर्चा यही थी कि वीडी शर्मा जिस नाम के लिए अड़े हुए हैं, वह नाम जयप्रकाश जौरिया का है,बताया जा रहा था कहीं भी कोई जिलाध्यक्ष बना लाे लेकिन ग्वालियर में राजौरिया ही जिला अध्यक्ष बनेगें इसी कारण से सिंधिया गुट और ताेमर गुट काे मनाने की कवायत शुरू हाे गई थी।
How India’s Workforce is Struggling with Toxic Boss and Overwork
