Gwalior। चंबल क्षेत्र में पिछले 40 घंटों से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है। भारी बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है, और ग्रामीण इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इसी बीच, ग्वालियर के मुरार क्षेत्र के बिलहाती गांव के पास बने पुल का एक हिस्सा पानी के तेज बहाव में कटकर ढह गया, जिससे सड़क भी पानी में बह गई है। यह पुल अब पूरी तरह से असुरक्षित हो चुका है, जिससे आवागमन बाधित हो गया है।
पुल के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों में दहशत
बिलहाती गांव के पास चिटोरा रोड पर बना यह पुल ग्रामीणों के लिए एक अहम कड़ी था, जो अब पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। पुल के नीचे का हिस्सा भारी बारिश और पानी के तेज बहाव के कारण कट गया, जिससे सड़क भी पानी में बह गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने तुरंत पुल को दोनों ओर से बंद कर दिया, ताकि कोई भी व्यक्ति इस असुरक्षित रास्ते को पार न करे। हालांकि, कुछ ग्रामीण जान जोखिम में डालकर अब भी इसे पार करने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रशासन की चेतावनी अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें
घटना की गंभीरता को देखते हुए ग्वालियर एएसपी और बेहट एसडीओपी संतोष पटेल ने मौके का निरीक्षण किया और तत्काल पुल को बंद कर दिया। संतोष पटेल ने बताया कि पुल अब सुरक्षित नहीं है, और इसे पार करने का प्रयास करना खतरनाक हो सकता है। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और इस पुल का उपयोग न करें। खासकर ग्रामीण इलाकों के लोग, जिनके घरों के पास पानी भर रहा है, उन्हें तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की सलाह दी गई है।
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ग्रामीणों के लिए खतरा बढ़ा
ग्रामीण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण पानी भरने से हालात और भी खराब हो गए हैं। कई बार ग्रामीण अपने मवेशियों को बचाने के लिए खुद को जोखिम में डालते हैं और ऐसी स्थितियों में फंस जाते हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति और खराब होती है तो लोगों को बचाने के लिए एसडीआरएफ की मदद लेनी पड़ सकती है। यहां तक कि जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू ऑपरेशन भी किया जा सकता है।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने 12 और 13 सितंबर को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना जताई है। इस चेतावनी के साथ प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी जोखिम भरे रास्ते से गुजरने से बचें। नदी-नालों के पास जाने से भी परहेज करने की सलाह दी गई है, क्योंकि पानी का बहाव कभी भी खतरनाक हो सकता है।
