राशि के अनुसार खरीदारी और उपाय करें, धन और पुण्य की प्राप्ति होगी
आज गुरुवार, 24 अक्टूबर को गुरुपुष्य नक्षत्र का शुभ मुहूर्त है, जिससे धनतेरस से दीपोत्सव की शुरुआत होती है। यह पांच दिवसीय पर्व धनतेरस, नरक चतुर्दशी (रूप चौदस), दिवाली, गोवर्धन पूजा, और भाई दूज के रूप में मनाया जाता है। हर साल पुष्य नक्षत्र दिवाली से पहले आता है, और इस बार यह गुरुवार को होने के कारण इसे गुरुपुष्य नक्षत्र योग कहा जा रहा है। इस दिन नए कार्यों की शुरुआत और खरीदारी करना बेहद शुभ माना जाता है।
इस बार गुरुपुष्य योग के साथ सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग भी बन रहे हैं। पुष्य नक्षत्र 24 अक्टूबर को सुबह से शुरू होकर पूरे दिन रहेगा। इस दिन महालक्ष्मी, पारिजात, बुधादित्य और पार्वत योग भी हैं, जिससे खरीदारी और निवेश के लिए समय बहुत उपयुक्त है।
गुरुपुष्य योग का महत्व तैत्रिय ब्राह्मण में वर्णित है, जहां पुष्य नक्षत्र को बेहद शुभ माना गया है। इसी दिन देवगुरु बृहस्पति का जन्म भी हुआ था। इस नक्षत्र में किए गए कार्य स्थायी और शुभ माने जाते हैं। खरीदारी के दौरान सोना, चांदी, आभूषण, बर्तन, कपड़े, और वाहन जैसे वस्तुओं का लेन-देन विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।
गुरुपुष्य नक्षत्र का खरीदारी मुहूर्त 24 अक्टूबर को सुबह 11:43 से 12:28 बजे तक सोने-चांदी के आभूषण और वाहनों की खरीदारी के लिए है। लाभ चौघड़िया दोपहर 12:05 से 1:29 बजे तक और शुभ चौघड़ियां 4:18 PM से 5:42 PM तक हैं।
यह दिन नए काम और व्यापार की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ है। संपत्ति खरीदने और नए घर में प्रवेश करने के लिए भी यह दिन उचित है। इस दिन चांदी, गेहूं, कपड़े, और दवाइयों में निवेश लाभकारी हो सकता है। साथ ही, राशि के अनुसार विशेष उपाय भी किए जा सकते हैं।
हर राशि के लिए विशिष्ट खरीदारी और उपाय बताए गए हैं। जैसे कि मेष राशि वालों को कृषि और चिकित्सा उपकरणों में निवेश करने की सलाह दी गई है, जबकि वृष राशि वालों के लिए कपड़े और चांदी में निवेश करना फायदेमंद होगा। मिथुन राशि के लोगों को सोने में निवेश का लाभ होगा, और कर्क राशि के जातकों को चांदी, कपड़ा और खाद्य पदार्थों में निवेश करने की सलाह दी गई है।
सिंह राशि वालों के लिए सोने, दवाओं और रत्नों में निवेश लाभकारी रहेगा। कन्या राशि के जातकों को शिक्षा, रसायन, और कृषि में काम करने का सुझाव दिया गया है। तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ और मीन राशि के लिए भी विशिष्ट निवेश के क्षेत्रों का उल्लेख किया गया है।
इस प्रकार, गुरुपुष्य नक्षत्र का दिन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आर्थिक और व्यावसायिक दृष्टि से भी अत्यधिक शुभ है। सभी जातकों को इस दिन की महत्ता का पूरा लाभ उठाना चाहिए।
