Gujarat vote theft : गुजरात में कांग्रेस ने भाजपा पर चुनाव में बड़े पैमाने पर ‘वोट चोरी’ करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने कहा है कि पिछले कई वर्षों से भाजपा राज्य में मतदाता सूची में हेराफेरी कर चुनाव जीतती रही है। राहुल गांधी के ‘इंसान एक और वोट दो’ के नारे से प्रेरित होकर, गुजरात कांग्रेस ने 31 अगस्त को अहमदाबाद में एक बड़े रैली का आयोजन किया, जिसमें मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के खुलासे किए गए। कांग्रेस ने कहा कि यह आरोप सिर्फ गुजरात तक सीमित नहीं हैं बल्कि पूरे भारत में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं।
मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी का दावा
कांग्रेस के अनुसार, गुजरात में मतदाता दोहराव एक बड़ी समस्या है। उन्होंने बताया कि सूरत के कई मतदाताओं ने सौराष्ट्र क्षेत्र में और सौराष्ट्र के कई मतदाताओं ने महाराष्ट्र में भी मत डाला है। प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा ने नवसारी और चोरयासी विधानसभा क्षेत्रों में शोध के दौरान करीब 30,000 फर्जी वोटों का पता लगाया। उनकी मांग है कि विस्तृत जांच कराकर फर्जी वोटरों की पहचान की जाए और चुनाव प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए।
read more:भारत में पहली बार आयोजित हो रही विश्व स्तरीय प्रतियोगिता
चुनाव आयोग से कड़ी कार्रवाई की मांग
कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग से आरोपित फर्जी वोटरों के खिलाफ तुरंत और कड़े कदम उठाने की मांग की है। उनका दावा है कि अगर स्थानीय मतदाता सूची की सख्त जांच हो तो हजारों फ़र्जी वोट सामने आ सकते हैं। कांग्रेस ने ऐसी अनियमितताओं से लोकतंत्र की विश्वसनीयता पर खतरा बताया है।
आगामी चुनाव और कांग्रेस की रणनीति
यह कदम आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उठाया गया है, जिसमें कांग्रेस भाजपा की सत्ता को चुनौती देने के लिए पूरी तरह सक्रिय है। पार्टी ने गुजरात में अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत कर नए नेतृत्व के साथ पूरे राज्य में मतदाता जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है। कांग्रेस का लक्ष्य है कि वे चुनावी पारदर्शिता बनाए रखें और फर्जी वोटिंग की रोकथाम करें।
गुजरात में मतदाता सूची और वोटिंग को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग को लेकर चर्चा का विषय बने हुए हैं। भाजपा और चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों का राजनीतिकरण जारी है, जो आगामी चुनावी मुकाबले को और भी प्रतिस्पर्धी तथा विवादास्पद बना सकता है। कांग्रेस का ‘इंसान एक और वोट दो’ अभियान इस पूरे विवाद को एक नई ऊर्जा दे रहा है।
