Gujarat News: बनासकांठा जिले के दीयोदर में 23 साल पुराने जमीनी विवाद के मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। दीयोदर एडिशनल सेशन्स कोर्ट ने दो गुटों के बीच हुए संघर्ष के मामले में दोषी पाए गए कुल 41 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

Gujarat News: एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी
यह मामला वर्ष 2002 में डीसा के घाणा गांव का है, जहां जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प हो गई थी। इस संघर्ष में दोनों गुटों के दो लोगों की मौत हो गई थी और इलाके में काफी तनाव का माहौल बन गया था। घटना के बाद अगथला थाने में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
Gujarat News: आरोपियों को दोषी मानते हुए
घटना के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के 41 लोगों को आरोपी बनाकर चार्जशीट दाखिल की थी। मामले की सुनवाई दीयोदर एडिशनल सेशन्स कोर्ट में सालों तक चली। गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी मानते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई।
कुछ हद तक राहत और न्याय की उम्मीद जगी
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि ऐसे मामलों में सख्त सजा जरूरी है ताकि समाज में कानून का डर बना रहे और भविष्य में इस तरह के जमीनी विवाद हिंसक रूप न लें। अदालत के फैसले के बाद इलाके में इस लंबे विवाद को लेकर कुछ हद तक राहत और न्याय की उम्मीद जगी है।
यह फैसला क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी संदेश है कि न्याय भले ही देर से मिले, लेकिन कानून के शिकंजे से कोई बच नहीं सकता।
संवाददाता : ललित दरजी, बनासकांठा
