
सभी को मिले सस्ती बिजली – CM
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह पटेल ने इस निर्णय की घोषणा करते हुए कहा कि गुजरात सरकार हमेशा जनहित को सर्वोपरि रखती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिजली वितरण कंपनियों की उत्कृष्ट कार्यप्रणाली और नुकसान में कमी ने यह संभव बनाया है। सीएम पटेल ने कहा, “हमारी सरकार का लक्ष्य है कि हर गुजराती परिवार को सस्ती बिजली मिले। यह कटौती पिछले 18 महीनों में तीसरी लगातार कमी है, जो हमारी नीतियों की सफलता का प्रमाण है।” उन्होंने आगे बताया कि कृषि उपभोक्ताओं को छोड़कर सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को यह लाभ मिलेगा, और 100 यूनिट मासिक खपत वाले आवासीय उपभोक्ता प्रति माह लगभग 15 रुपये बचा सकेंगे।

कोयला और गैस कीमतों में कमी
यह कटौती पिछले निर्णयों का विस्तार है। जनवरी 2024 में 50 पैसे और अक्टूबर 2024 में 40 पैसे की कमी के बाद यह तीसरी कटौती है। ऊर्जा मंत्री कनुभाई देसाई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अंतरराष्ट्रीय कोयला और गैस कीमतों में कमी, साथ ही ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नुकसान में सुधार ने यह संभव बनाया। चार राज्य बिजली वितरण कंपनियां—उत्तर गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (UGVCL), मध्य गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (MGVCL), पश्चिम गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (PGVCL) और दक्षिण गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (DGVCL)—इसके तहत लाभान्वित होंगी।
इस निर्णय से न केवल उपभोक्ताओं की जेब ढीली होगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। सीएम पटेल ने कहा, “बिजली की लागत कम होने से उद्योगों को प्रतिस्पर्धी लाभ मिलेगा, जो रोजगार सृजन में मदद करेगा। हमारा लक्ष्य विकसित गुजरात का निर्माण है, जहां ऊर्जा सुलभ और सस्ती हो।” देसाई मंत्री ने भी जोर दिया कि गुजरात बिजली क्षेत्र में अग्रणी है, जहां नुकसान दर राष्ट्रीय औसत से कम है। यह कटौती गुजरात इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (GERC) के दिशानिर्देशों के अनुरूप है और अगले क्वार्टर तक लागू रहेगी।
Gujarat fuel surcharge reduction: मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री पटेल ने इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण बिंदु उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर दे रही है, ताकि लंबे समय में बिजली और सस्ती हो। “हमारा ‘मिशन 100 GW’ 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य है, जो सौर और पवन ऊर्जा पर केंद्रित है। इससे ईंधन आयात पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण संरक्षण होगा।” पटेल ने पीएम नरेंद्र मोदी की दृष्टि का उल्लेख करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में गुजरात नेट जीरो 2070 के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। हम सौर पार्क, विंड फार्म और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा दे रहे हैं।”
નાગરિકોને સસ્તી વીજળી ઉપલબ્ધ કરાવવા ગુજરાત સરકાર પ્રતિબદ્ધ છે.
ફ્યુઅલ સરચાર્જમાં ઘટાડાના રાજ્ય સરકારના આ નિર્ણયના પરિણામે રાજ્યના અંદાજે 1.75 કરોડ ગ્રાહકોને જુલાઈથી સપ્ટેમ્બર-2025 દરમિયાન વીજ વપરાશ ઉપર આશરે રૂ. 400 કરોડથી વધુનો લાભ થશે.
વીજ ખરીદનું કાર્યક્ષમ સંચાલન, વીજ… https://t.co/W4xncIahla
— Bhupendra Patel (@Bhupendrapbjp) September 2, 2025
सीएम ने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे ऊर्जा संरक्षण अपनाएं। “बिजली बचाओ, भविष्य बनाओ। हमारी सरकार किसान सूर्योदय योजना के तहत दिन में बिजली उपलब्ध करा रही है, जिससे 96% गांव कवर हो चुके हैं।” उन्होंने घोषणा की कि शेष 4% गांवों को फरवरी-मार्च 2026 तक दिन में बिजली मिलेगी। पटेल ने कहा, “यह निर्णय केवल राहत नहीं, बल्कि हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। हम आगे भी ऐसे कदम उठाएंगे जो जनता के हित में हों।”
सस्ती बिजली योजनाओं का विस्तार
गुजरात सरकार की सस्ती बिजली योजनाएं व्यापक हैं। किसान सूर्योदय योजना के तहत 20 लाख से अधिक कृषि कनेक्शन दिन में बिजली प्राप्त कर रहे हैं। योजना का विस्तार देवभूमि द्वारका, कच्छ और बनासकांठा जिलों में हो रहा है, जहां 632 गांवों और 1.5 लाख किसानों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा, गुजरात रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी 2023 के तहत 100 GW क्षमता का लक्ष्य है, जिसमें 36 GW सौर और 143 GW पवन ऊर्जा शामिल है। यह नीति 2028 तक प्रभावी है और 5 लाख करोड़ निवेश आकर्षित करेगी।
