Gujarat development: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने गुजरात दौरे की शुरुआत भावनगर से की। वहां उन्होंने भव्य रोड शो किया, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। इसके बाद गांधी मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने 34,200 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

इन परियोजनाओं में “समुद्र से समृद्धि” जैसी योजनाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं, जिनका उद्देश्य गुजरात के औद्योगिक और आर्थिक विकास को गति देना है। उन्होंने कहा कि इन निवेशों से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और गुजरात आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाएगा।
Gujarat development: आत्मनिर्भर भारत पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में आत्मनिर्भर भारत के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत विश्व बंधु की भावना से आगे बढ़ रहा है और किसी देश से दुश्मनी नहीं रखता। लेकिन सच में अगर भारत का कोई दुश्मन है, तो वह है दूसरे देशों पर हमारी निर्भरता। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि देश पराई तकनीक और संसाधनों पर निर्भर रहेगा, तो इसका खामियाज़ा हमारे आत्मसम्मान और भविष्य की पीढ़ी को भुगतना पड़ेगा।
प्रधानमंत्री का संदेश
Gujarat development: मोदी ने कहा कि हमें मिलकर इस निर्भरता के दुश्मन को हराना होगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “100 दुखों की एक दवा है आत्मनिर्भर भारत।” उनके अनुसार, जब तक भारत स्वदेशी उत्पादों और तकनीकों को अपनाकर आत्मनिर्भर नहीं बनेगा, तब तक देश के वास्तविक विकास और सम्मान की परिकल्पना पूरी नहीं हो सकती।
स्वदेशी अपनाने की अपील
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर लोगों से एक बार फिर स्वदेशी अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हमें अपने देश के उत्पादों और संसाधनों का अधिकतम उपयोग करना चाहिए। यही भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने का मार्ग है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आत्मनिर्भर भारत न केवल हमारे सम्मान को सुरक्षित करेगा, बल्कि यह हमारे आर्थिक विकास और वैश्विक स्तर पर मजबूती का भी आधार बनेगा।
विकास और भविष्य की दृष्टि
Gujarat development: मोदी ने कहा कि गुजरात की इन परियोजनाओं से औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी, समुद्री व्यापार मजबूत होगा और युवाओं के लिए असंख्य रोजगार अवसर पैदा होंगे। उन्होंने भावनात्मक रूप से संबोधित करते हुए कहा कि हमारी ताकत हमारे संसाधनों और श्रम में है। हमें अपने प्रयासों से भारत को वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
इस प्रकार प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा सिर्फ विकास परियोजनाओं का शिलान्यास नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को दोहराने और स्वदेशी के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी प्रतीक रहा।
