Gujarat Cyber Crime Portal:गुजरात सरकार ने साइबर अपराध पीड़ितों और शिकायतकर्ताओं की सुविधा के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब धोखाधड़ी के शिकार लोगों को पुलिस थानों के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि वे अपनी शिकायतें ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इस दिशा में नागरिक-केंद्रित पुलिस सेवाओं को और सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने दो अत्याधुनिक डिजिटल पोर्टल—आई-प्रगति और तेरा तुझको अर्पण—तथा एक मोबाइल एप्लिकेशन अनफ्रीज लॉन्च किया। ये पोर्टल साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों और रिफंड प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जबकि अनफ्रीज एप फ्रीज किए गए बैंक खातों को खोलने की प्रक्रिया को आसान बनाता है।
पारदर्शिता लाएगा आई-प्रगति पोर्टल
आई-प्रगति पोर्टल, जो ई-गुजकॉप सिस्टम का हिस्सा है, जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसका पूरा नाम है—Investigation Progress Report through Automatically Generated Accurate and Timely Information। इस पोर्टल के जरिए शिकायतकर्ताओं को जांच के चार प्रमुख चरणों—एफआईआर दर्ज करना, पंचनामा तैयार करना, आरोपी की गिरफ्तारी और चार्जशीट दाखिल करना—के पूरा होने पर स्वचालित एसएमएस अलर्ट प्राप्त होंगे। इससे शिकायतकर्ता अपनी शिकायत की प्रगति की जानकारी बिना किसी परेशानी के प्राप्त कर सकेंगे। सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, यह सिस्टम जांच प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करता है और शिकायतकर्ताओं का समय बचाता है। स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (SCRB) द्वारा शुरू किए गए इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इसे पूरे गुजरात में लागू किया गया है।
धन वापसी में तेजी लाएगा तेरा तुझको अर्पण पोर्टल
दूसरा पोर्टल, तेरा तुझको अर्पण, साइबर अपराध पीड़ितों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। यह पोर्टल साइबर धोखाधड़ी के शिकार लोगों को उनके खोए हुए धन को तेजी से वापस प्राप्त करने में सहायता प्रदान करता है। 3 अक्टूबर, 2024 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा अहमदाबाद में शुरू किया गया यह पोर्टल लोक अदालतों के माध्यम से रिफंड प्रक्रिया को सुगम बनाता है। अहमदाबाद में इसके पायलट चरण की सफलता के बाद, अब इसे राज्यव्यापी लागू किया गया है। इस पोर्टल ने लंबित आवेदनों को 50% तक कम करने और प्रक्रिया की दक्षता को बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
Gujarat Cyber Crime Portal:अनफ्रीज एप नागरिकों के लिए वरदान
अनफ्रीज एप उन नागरिकों के लिए एक वरदान है, जिनके बैंक खाते साइबर अपराध की शिकायतों के कारण फ्रीज हो गए हैं। यह एप नागरिकों को ऑनलाइन आवेदन करने, आवेदन की स्थिति ट्रैक करने और ईमेल के माध्यम से अपडेट प्राप्त करने की सुविधा देता है। पहले खाता अनफ्रीज करने के लिए पुलिस स्टेशन जाना पड़ता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो गई है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इन पहलों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया और सुरक्षित शासन के विज़न के अनुरूप बताया। गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने कहा कि गुजरात साइबर अपराध से निपटने के लिए इतना नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने वाला पहला राज्य है। उन्होंने बताया कि अब तक ढाई लाख से अधिक बैंक खातों को अनफ्रीज किया जा चुका है।
