Gujarat CM on India Pakistan War: भारत पाकिस्तान के बीच सीजफायर के बाद भी गुजरात के सीमावर्ती जिलों को राजस्थान और हिमाचल प्रदेश की तरह तनाव से राहत नहीं मिली हैं। CM भूपेंद्र पटेल ने बदले हालात को लेकर कच्छ, भुज, बनासकांठा, पाटन और जामनगर के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की।
सीमावर्ती जिलों पर रहें सतर्क
बैठक के बाद उन्होंने गुजरात के सीमावर्ती जिलों के अफसरों को सुरक्षा को लेकर और सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा कि इमरजेंसी के हालात में बॉर्डर से लगे जिलों के गांवों को खाली कराने की योजना पर पुख्ता इंतजाम बनाए रखें जाए। ताकि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर तत्काल स्थानांतरित किया जा सके।
Gujarat CM on India Pakistan War: CM पटेल ने दिए निर्देश
वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री पटेल ने जिलाधिकारियों से कहा कि इसके लिए वाहनों का इंतजाम पहले से कर लें। इसके अलावा, उन्होंने समुद्री इलाकों में मछली पकड़ने पर रोक अभी जारी रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
गुजरात के CM भूपेंद्र पटेल ने जिलाधिकारियों से कहा, “यदि उन्हें आवश्यक वस्तुओं, दवाओं और ईंधन की आवश्यकता हो तो वे सरकार को इसके बारे में बेहिचक बताएं.”
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इमरजेंसी हालात से निपटने के लिए अभी से कर लें तैयारी- CM
CM भूपेंद्र अधिकारियों से नागरिकों से जुड़े मामलों जैसे आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, परिवहन, संचार व्यवस्था आदि के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ नियमित रूप से संपर्क में रहने को कहा। उन्होंने जिलाधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सैटेलाइट फोन, वायरलेस प्रणाली, वॉकी-टॉकी और अन्य उपकरण भी उपलब्ध हों, ताकि Communication नेटवर्क कायम रहे और लोगों को समय पर सूचना मिल सके।
नागरिक सुरक्षा से जुड़े मामलों जैसे आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, परिवहन और संचार व्यवस्था के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ लगातार तालमेल बनाए रखने पर जोर दिया गया।
गेहूं, चावल समेत 38 वस्तुओं के भंडारण पर जोर
गुजरात खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के प्रधान सचिव R C मीना ने बैठक में कहा कि उनका विभाग 38 आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नजर रख रहा है। ताकि उन्हें नियंत्रण में रखा जा सके। सचिव ने कहा कि गेहूं, चावल, दालें, प्याज और आलू जैसी वस्तुओं का पर्याप्त भंडार है और अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए तेल कंपनियों के कॉन्टेक्ट में हैं कि पेट्रोल और डीजल की कोई कमी न हो।
