Gujarat CM Bhupendra Patel: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से टेलीफोन पर बात की और राज्य की सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया। गुजरात जमीनी और समुद्री सीमा के जरिए पाकिस्तान से सटा हुआ है, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। इस बातचीत में PM मोदी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
PM ने की CM से बात
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझसे फोन पर बात की और सीमावर्ती राज्य होने के नाते मौजूदा हालात में गुजरात की ओर से की गई तैयारियों और अग्रिम सुरक्षा उपायों की जानकारी ली। उन्होंने जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए।”
માનનીય વડાપ્રધાન શ્રી @NarendraModi એ મારી સાથે ટેલિફોનિક વાતચીત કરીને સરહદ પર સર્જાયેલી પ્રવર્તમાન તણાવની સ્થિતિમાં ગુજરાતની સરહદી રાજ્ય તરીકેની સજ્જતા તથા રાજ્ય સરકાર દ્વારા હાથ ધરાયેલા આગોતરા આયોજનની વિગતો મેળવી હતી અને આ સંદર્ભમાં જરૂરી માર્ગદર્શન આપ્યું હતું.…
— Bhupendra Patel (@Bhupendrapbjp) May 9, 2025
सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर
CM पटेल ने बताया कि उन्होंने PM को कच्छ, बनासकांठा, पाटन और जामनगर जैसे सीमावर्ती जिलों में नागरिकों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों के बारे में विस्तार से बताया। इन क्षेत्रों में सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है।
Gujarat CM Bhupendra Patel: CM पटेल ने की उच्चस्तरीय बैठक
इससे पहले, CM पटेल ने विभिन्न विभागों के प्रमुखों और सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सुरक्षा बलों को अपने अभियानों को सुचारू रूप से चलाने में किसी भी प्रकार की बाधा का सामना न करना पड़े। बैठक में सीमा पर निगरानी बढ़ाने, खुफिया तंत्र को मजबूत करने और आपात स्थिति से निपटने के लिए रणनीति तैयार करने पर चर्चा हुई। गुजरात पुलिस, तटरक्षक बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए।
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सीमावर्ती राज्यों पर युद्ध का असर ज्यादा
भारत-पाक तनाव का असर सीमावर्ती राज्यों पर सबसे ज्यादा पड़ता है, और गुजरात की भौगोलिक स्थिति इसे और भी संवेदनशील बनाती है। कच्छ का रण और समुद्री तट जैसे क्षेत्र न केवल रणनीतिक महत्व रखते हैं, बल्कि इनका ऐतिहासिक और आर्थिक महत्व भी है। ऐसे में, केंद्र और राज्य सरकार का पूरा ध्यान इन क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा बनाए रखने पर है। PM मोदी ने इस दौरान यह भी सुनिश्चित किया कि स्थानीय नागरिकों, विशेष रूप से सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
अपवाहों पर ना दे ध्यान
गुजरात सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन के साथ सहयोग करें। सुरक्षा बलों को हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। इस बीच, केंद्र सरकार भी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और सभी सीमावर्ती राज्यों के साथ समन्वय बनाए हुए है। PM मोदी की यह पहल दर्शाती है कि भारत किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
