whale vomit: गुजरात में मिला समुद्र का खजाना! व्हेल की उल्टी और क्यों है इतनी कीमती?

ambergris whale vomit: गुजरात के भावनगर समुद्र किनारे मिला एक दुर्लभ खजाना अब चर्चा का विषय बन गया है। यह कोई सामान्य खजाना नहीं, बल्कि स्पर्म व्हेल की उल्टी—जिसे एम्बरग्रीस कहा जाता है। इस मोम जैसी वस्तु की कीमत इंटरनेशनल मार्केट में 5.72 करोड़ रुपए है! लेकिन यह गैरकानूनी होने के बावजूद तस्करों की नज़र में रहता है। सूरत पुलिस ने इस मामले में एक शख्स को 2.904 किलोग्राम एम्बरग्रीस के साथ गिरफ्तार किया है। आइए, जानते हैं कि आखिर यह एम्बरग्रीस क्या होता है, क्यों है इतना महंगा, और कैसे पकड़ा गया यह तस्कर?
सूरत पुलिस ने पकड़ा तस्कर: 2.904 किलो एम्बरग्रीस बरामद
सूरत पुलिस ने को एम्बरग्रीस के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, विपुल खेती करता है और उसे है। उसने भावनगर के हाथब गांव के समुद्र किनारे यह मोम जैसा पदार्थ पाया था। शुरुआत में उसे इसकी कीमत का अंदाजा नहीं था, लेकिन जब उसने जानकारी जुटाई, तो उसे पता चला कि यह करोड़ों का खजाना है।
विपुल ने क्या किया?
उसने इसे बेचने की कोशिश की, लेकिन भावनगर में खरीदार नहीं मिला। फिर वह सूरत पहुंचा, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पाया कि विपुल साधारण किसान नहीं, बल्कि ।
एम्बरग्रीस क्या होता है? व्हेल की उल्टी का रहस्य
एम्बरग्रीस एक दुर्लभ पदार्थ है, जो स्पर्म व्हेल के पाचन तंत्र में बनता है। इसे “समुद्र का सोना” या “फ्लोटिंग गोल्ड” भी कहा जाता है।
कैसे बनता है एम्बरग्रीस?
- यह , जब वह स्क्विड या अन्य समुद्री जीवों को खाती है।
- यह कठोर मोम जैसा पदार्थ होता है, जो व्हेल की उल्टी के रूप में बाहर आता है।
- यह समुद्र में तैरता रहता है और कभी-कभी समुद्र तटों पर लहरों के साथ बहकर आता है।
कैसे पहचाना जाता है?
- ताजा एम्बरग्रीस का रंग हल्का पीला होता है और इससे मल जैसी गंध आती है।
- समय बीतने पर इसका रंग गहरा लाल, काला, या स्लेटी हो जाता है।
- पुराने एम्बरग्रीस से मीठी और मिट्टी जैसी सुगंध आती है, जो लंबे समय तक बनी रहती है।
क्यों है एम्बरग्रीस इतना महंगा?
एम्बरग्रीस की इंटरनेशनल मार्केट में भारी डिमांड है, क्योंकि इसका इस्तेमाल होता है परफ्यूम बनाने में (यह सुगंध को लंबे समय तक बरकरार रखता है)। दवाइयों में (प्राचीन काल से इसका इस्तेमाल होता रहा है)। महंगे इत्र और आयुर्वेदिक उत्पादों में।
क्यों है गैरकानूनी?
भारत समेत कई देशों में एम्बरग्रीस का व्यापार प्रतिबंधित है, क्योंकि यह व्हेल की प्रजाति को खतरे में डालता है। तस्करी के माध्यम से यह ब्लैक मार्केट में बेचा जाता है, जहां इसकी कीमत लाखों-करोड़ों में होती है।

भावनगर में मिला 6 किलो एम्बरग्रीस: 5.72 करोड़ का खजाना!
भावनगर के हाथब गांव के समुद्र किनारे , जिसकी अनुमानित कीमत 5.72 करोड़(ambergris whale price) रुपए है! यह गुजरात के तटों पर मिलने वाला सबसे बड़ा एम्बरग्रीस हो सकता है।
कैसे मिला यह खजाना?
- समुद्र किनारे लहरों के साथ यह पदार्थ बहकर आया।
- स्थानीय लोगों ने इसे पहचाना और इसकी कीमत का अंदाजा लगाया।
- तस्करों ने इसे बेचने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई कर ली।
एम्बरग्रीस का इतिहास और इस्तेमाल
- इत्र (whale vomit perfume) और दवाइयों में होता रहा है।
- में इसे “रॉयल परफ्यूम” के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।
- आयुर्वेद में भी इसका उपयोग होता है।
भारत में एम्बरग्रीस का कानूनी पहलू
भारत में के तहत एम्बरग्रीस का व्यापार और रखरखाव प्रतिबंधित है। अगर कोई इसे बेचता या खरीदता पकड़ा जाता है, तो उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
