प्रशासनिक सुधार आयोग का गठन
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने प्रशासन में दक्षता और कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने के लिए GARC का गठन किया। आयोग का मुख्य उद्देश्य सरकारी प्रक्रियाओं को सरल करना, डिजिटल तकनीकों का उपयोग बढ़ाना और नागरिकों को त्वरित सेवाएं प्रदान करना है। इसकी तीसरी रिपोर्ट में आयोग ने विभिन्न क्षेत्रों में सुधार के लिए ठोस सुझाव दिए हैं, जो प्रशासनिक प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होंगे।

Gujarat Administrative Reforms: तीसरी रिपोर्ट के प्रमुख सुझाव
GARC की तीसरी रिपोर्ट में कई नवाचारपूर्ण सिफारिशें शामिल हैं, जो नागरिकों के जीवन को आसान बनाने पर केंद्रित हैं। इनमें से कुछ प्रमुख सुझाव निम्नलिखित हैं:
- छात्रवृत्ति योजनाओं का समेकन: आयोग ने विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं को एक मंच पर लाने का सुझाव दिया है, ताकि छात्रों को आवेदन प्रक्रिया में आसानी हो और योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
- डिजिटल टिकट बुकिंग: सरकारी बसों में क्यूआर कोड और यूपीआई के माध्यम से टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू करने का प्रस्ताव है, जो यात्रियों के लिए भुगतान को सरल और त्वरित बनाएगा।
- डिजी-लॉकर आधारित सेवाएं: महत्वपूर्ण दस्तावेजों को डिजी-लॉकर के माध्यम से सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध कराने की सिफारिश की गई है, जिससे कागजी प्रक्रियाओं में कमी आएगी।
- एसएमएस/व्हाट्सएप अपडेट: सरकारी आवेदनों की स्थिति की जानकारी नागरिकों को एसएमएस या व्हाट्सएप के माध्यम से तुरंत उपलब्ध कराने का सुझाव है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
नागरिकों की भागीदारी
आयोग ने नागरिकों को सुधार प्रक्रिया में शामिल करने के लिए एक खुला मंच प्रदान किया है। कोई भी व्यक्ति आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://garcguj.in पर जाकर तीसरी रिपोर्ट को पढ़ सकता है और अपने सुझाव या विचार साझा कर सकता है। यह कदम सरकार की पारदर्शी और सहभागी शासन की दिशा में प्रतिबद्धता को दर्शाता है। नागरिकों से प्राप्त फीडबैक को आयोग द्वारा भविष्य की सिफारिशों में शामिल किया जाएगा, ताकि सुधार और अधिक प्रभावी हो सकें।
Gujarat Administrative Reforms: ‘ईज ऑफ लिविंग’
गुजरात सरकार ने ‘ईज ऑफ लिविंग’ को अपनी प्राथमिकता बनाया है। GARC की सिफारिशें इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं, जो न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाएंगी, बल्कि नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं को अधिक सुलभ और उपयोगी बनाएंगी। डिजिटल तकनीकों का उपयोग, जैसे यूपीआई, डिजी-लॉकर और व्हाट्सएप, यह सुनिश्चित करेगा कि नागरिकों को कम समय में अधिक सुविधाएं मिलें। इसके अलावा, छात्रवृत्ति योजनाओं का समेकन और टिकट बुकिंग जैसी सुविधाएं विशेष रूप से युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों के लिए लाभकारी होंगी।
