GT vs LSG Match: IPL 2025 के 18वें सीजन के 64वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स ने गुजरात टाइटंस को 33 रन से हराया। मिचेल मार्श ने 64 गेंदों में 117 रन बनाए, उन्होंने 8 छ्क्के और 10 चौंके लगाएं। और निकोलस पूरन ने 27 गेंदों में 56 रनों की नबाद पारी खेली और टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
Read More: RCB vs SRH Match Today: बेंगलुरु को पाइंट टेबल पर टॉप पर जाने से रोक पाएगा SRH
हालांकि, गुजरात हारने के बाद भी पॉइंट टेबल पर टॉप पर है।

आपको बता दें कि, गुजरात टाइटंस ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। वहीं बैटिंग करने उतरी LSG टीम ने 20 ओवर में 2 विकेट खोकर 235 रन बनाए। इस टारगेट का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस 20 ओवर में 9 विकेट खोकर महज 202 रन ही बना पाई, और टीम को हार का सामना करना पड़ा।
View this post on Instagram
मिचेल की शानदार पारी..
मिचेल मार्श ने 64 बॉल में 117 रन बनाए। 10 चौके और 8 छक्के के साथ अपना शतक पूरा किया। वहीं निकोलस पूरन ने 27 बॉल पर 56 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 5 छक्के शामिल थे। वहीं ऐडन मार्कम ने 36 रन और रिषभ पंत ने 16 रन बनाए।
View this post on Instagram
टीम से विलियम ओरुर्के ने 3 विकेट झटके। आवेश खान और आयुष बडोनी को 2-2 विकेट मिले।
हार के बाद बोले शुभमन गिल…
गुजरात टीम से कप्तान शुभमन गिल 20 गेंद में 35 रन बनाए, रदरफर्ड 22 गेंदों पर 38 रन और शाहरुख 29 गेंदों पर 57 रन बनाए। लेकिन टीम को जीत नही दिला सके। मुकाबले के बाद गुजरात के कप्तान शुभमन गिल ने हार की बड़ी वजह बताते हुए कहा कि टीम ने 15-20 रन ज़्यादा दे दिए, जिससे मैच पर से पकड़ ढीली हो गई।
View this post on Instagram
गिल ने कहा,
“अगर हम उन्हें 210-220 रन पर रोक लेते तो मैच का नतीजा कुछ और हो सकता था। हमने पावरप्ले में अच्छी गेंदबाज़ी की, भले ही विकेट नहीं मिले, लेकिन अगले 14 ओवरों में उन्होंने 180 रन बना डाले। यह फर्क बहुत बड़ा था। हम 17वें ओवर तक मुकाबले में बने हुए थे।”
View this post on Instagram
जब उनसे पूछा गया कि क्या पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला सिर्फ प्लेऑफ से पहले कुछ प्रयोग करने के मकसद से लिया गया था, तो गिल ने स्पष्ट रूप से कहा,
“नहीं, बिल्कुल नहीं। यह रणनीति का हिस्सा था।”
गुजरात की बल्लेबाज़ी में शुरुआत भले ही कमजोर रही — साई सुदर्शन, गिल और बटलर जैसे दिग्गज बल्लेबाज़ जल्दी आउट हो गए — लेकिन मध्यक्रम ने हार नहीं मानी। खासकर शाहरुख खान और रदरफोर्ड ने बेहतरीन संघर्ष किया और बड़े-बड़े शॉट्स लगाते रहे। लेकिन रन लक्ष्य बड़ा था और विकेट हाथ में कम, जिससे अंत में गुजरात की टीम मुकाबला नहीं जीत सकी।
