बॉर्डर एरिया सबसे ज्यादा प्रभावित
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत पंजाब में लगभग 800 करोड़ रुपए के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट रद्द कर दिए हैं। इन प्रोजेक्ट्स में 64 सड़कों और 38 पुलों का निर्माण होना था, जिसकी कुल लंबाई लगभग 628.48 किलोमीटर थी।

इन प्रोजेक्ट्स में से अधिकतर सड़कें पठानकोट, अमृतसर, गुरदासपुर और तरनतारन जैसे बॉर्डर जिलों में थीं। इन इलाकों में कनेक्टिविटी पहले से ही सीमित है और प्रोजेक्ट रद्द होने से स्थानीय लोगों की परेशानी और बढ़ेगी।
31 मार्च को मिली थी मंजूरी
केंद्र सरकार ने इन प्रोजेक्ट्स को 31 मार्च 2025 को मंजूरी दी थी। लेकिन अब ग्रामीण विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव द्वारा पत्र जारी कर कहा गया है कि जिन प्रोजेक्ट्स के टेंडर नहीं हुए या काम शुरू नहीं हुआ, उन्हें ड्रॉप कर दिया जाए।
पंजाब सरकार का जवाब
राज्य सरकार ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर प्रोजेक्ट्स को दोबारा मंजूरी देने की अपील की है। सचिव रवि भगत ने कहा कि प्रोजेक्ट्स की प्रक्रिया चालू है और बारिश खत्म होते ही काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने वादा किया है कि सारे काम 31 मार्च 2026 तक पूरे कर लिए जाएंगे।
क्या है FDR तकनीक?
FDR यानी Full Depth Reclamation यह एक पर्यावरण-अनुकूल तकनीक है, जिसमें पुरानी सड़क की सामग्री को खोदकर उसी को रिसाइकिल कर सीमेंट और केमिकल के साथ मिलाकर नई मजबूत सड़क बनाई जाती है। यह तरीका तेज, सस्ता और टिकाऊ माना जाता है। लेकिन समस्या ये है कि बहुत कम सलाहकार फर्मों को इस तकनीक का अनुभव है।
पहले भी रोके जा चुके हैं फंड:
यह पहला मौका नहीं है जब केंद्र ने पंजाब के विकास फंड पर रोक लगाई हो। इससे पहले भी 7000 करोड़ रुपए के ग्रामीण विकास फंड को रोक दिया गया था।
राजनीतिक असर और स्थानीय चिंता
इस कदम को पंजाब सरकार राजनीतिक भेदभाव मान रही है, वहीं स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि सड़क कनेक्टिविटी के कमजोर होने से नाराज हैं। खासकर सीमा क्षेत्रों में इन सड़कों का न बन पाना सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं के लिए भी खतरा बन सकता है।
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