मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के विवादित बयान ने सियासत में उबाल ला दिया है। पटवारी ने राज्य की बहन-बेटियों को शाब्दिक तौर पर “शराबी” कहकर अपमानित किया, जिससे बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा, कि पटवारी का बयान प्रदेश की आधी आबादी का अपमान है….कांग्रेस अध्यक्ष को इसके लिए माफ़ी मांगनी चाहिए…हरतालिका तीज के पावन पर्व के दिन बहनों का यह अपमान हमारी सरकार और पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी। बीजेपी के विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस बयान की निंदा करते हुए प्रदेश की महिलाओं के सम्मान पर चोट पहुंचाने का आरोप लगाया है।
सीएम डॉ मोहन यादव ,भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ,मध्यप्रदेश शासन की मंत्री निर्मला भूरिया,भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष व सांसद माया नारोलिया, प्रदेश प्रवक्ता व विधायक अर्चना चिटनीस सहित अन्य लोगों ने बयान दिया है… जीतू पटवारी का बयान काफी आपत्तिजनक है…
जीतू पटवारी का विवादित बयान
जीतू पटवारी ने कहा कि पूरे देश में सबसे ज्यादा शराब पीने वाली महिलाएं मध्यप्रदेश की हैं। उन्होंने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया कि नशे और ड्रग्स के कारोबार को रोकने में वह विफल रही है। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहनाओं के नाम पर वोट लेकर आज महिलाएं नशे की गिरफ्त में हैं।
विधायक रामेश्वर शर्मा की तीखी प्रतिक्रिया
बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने पटवारी के इस बयान को प्रदेश की आधी आबादी का अपमान बताया। उन्होंने कहा, “हरतालिका तीज के शुभ अवसर पर यह बयान माताओं-बहनों का अपमान है। पटवारी की मानसिकता खराब है और इस तरह के बयान कांग्रेस की सोच को दर्शाते हैं।” शर्मा ने कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी से भी पटवारी को समझाने की अपील की।
Government will not tolerate insult of women : हेमंत खण्डेलवाल का बयान
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने इसकी कड़ी निंदा की है। खण्डेलवाल ने कहा कि ऐसा बयान न केवल राज्य की महिलाओं का अपमान है, बल्कि यह पूरे समाज की प्रगति के विरुद्ध है।
राजनीतिक विवाद और सोशल मीडिया
पटवारी के बयान के बाद सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना हुई। बीजेपी ने इस बयान को महिलाओं का अपमान बताया जबकि कांग्रेस का कहना है कि यह सच बयान है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सरकारी आंकड़े पटवारी के दावे का समर्थन नहीं करते, लेकिन यह बयान राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है।
जीतू पटवारी के इस विवादित बयान ने मध्यप्रदेश की सियासत को गर्मा दिया है। महिलाओं के प्रति इस तरह के बयान समाज में चिंता और नाराजगी पैदा करते हैं। इस बयान का जिम्मेदार राजनीतिक नेतृत्व से संयम और संवेदनशीलता की उम्मीद बार-बार दोहराता है।
