government loan before foundation day :राज्य सरकार ने स्थापना दिवस से पहले 5200 करोड़ रुपये का कर्ज लेने जा रही है इस राशि को विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर, विकास और सामुदायिक परियोजनाओं के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष में कुल सरकारी ऋण 42,600 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।
विकास परियोजनाओं के लिए धन जुटाने की कवायद
अधिकारियों के अनुसार, सरकार ने यह कर्ज नए रोड प्रोजेक्ट्स, स्किल डेवलपमेंट, ग्रामीण संपर्क योजनाओं और सामाजिक आधारभूत संरचना से जुड़ी पहलों के लिए मांगा है। वित्त विभाग का मानना है कि इससे राज्य की विकास योजनाओं को गति मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
सरकार का कहना है कि फंडिंग की मदद से अधूरे पड़े प्रोजेक्ट्स को समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सकेगा। पहाड़ी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने और सामुदायिक सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
चालू वित्त वर्ष में ऋण का बढ़ता बोझ
इस वर्ष ऋण का स्तर काफी बढ़ गया है। सरकार पहले ही वित्तीय वर्ष की पहली दो तिमाहियों में लगभग 37,400 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। अब नए 5200 करोड़ जुड़ने से कुल कर्ज 42,600 करोड़ तक पहुंच जाएगा।
वित्त विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य की कुल राजस्व आय की तुलना में ऋण दर तेजी से बढ़ रही है, जिससे भविष्य में बजट प्रबंधन एक चुनौती बन सकता है। हालांकि, सरकार का पक्ष है कि निवेश बढ़ाकर राज्य की जीडीपी और आय स्रोतों को मजबूत किया जाएगा जिससे कर्ज का दबाव कम हो सके।
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सरकार ने लिया कर्ज
- 30 सितंबर को 1500-1500 करोड़ के दो कर्ज लिए गए थे जिसका भुगतान एक अक्टूबर को हुआ।
- 23 सितंबर को 1500-1500 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए गए हैं जो 18 साल और 21 साल की अवधि के हैं।
- नौ सितंबर को तीन कर्ज लिए गए थे जो 1500-1500 करोड़ तथा एक हजार करोड़ रुपए के थे।
- 26 अगस्त को मोहन सरकार ने 2500 करोड़ और 2300 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए थे।
- 5 अगस्त को 3 कर्ज लिए थे, जिसका भुगतान छह अगस्त को हुआ। इसमें पहला कर्ज 18 साल के लिए 1600 करोड़ का था। दूसरा कर्ज 20 साल के लिए 1400 करोड़ और तीसरा कर्ज 23 साल के लिए 1000 करोड़ रुपए का था।
- 30 जुलाई को 4300 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए। दोनों ही कर्ज 17 साल और 23 साल के लिए आरबीआई के माध्यम से लिए गए
परियोजनाओं के नाम पर लोन की मंजूरी
इस बार लोन दो प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया है—इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और कम्युनिटी वेलफेयर प्रोजेक्ट्स।
इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के तहत सड़कों, पुलों, औद्योगिक जोन और पर्यटन सुविधाओं के लिए करीब 3000 करोड़ रुपये आवंटित होंगे।
कम्युनिटी डेवलपमेंट योजनाओं, जैसे स्किल ट्रेनिंग, स्वास्थ्य सुविधाओं और ग्रामीण विकास परियोजनाओं के लिए लगभग 2200 करोड़ रुपये तय किए गए हैं।
वित्त सचिव ने बताया कि यह कदम राज्य की दीर्घकालिक वृद्धि के लिए आवश्यक है और इससे रोजगार के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।
विपक्ष ने उठाए सवाल
विपक्षी दलों ने कहा, कि लगातार बढ़ता कर्ज राज्य के राजकोष पर असर डालेगा। विपक्ष के नेताओं ने यह आरोप भी लगाया कि सरकार चुनावी वर्ष में लोकप्रिय योजनाओं के नाम पर अनावश्यक कर्ज ले रही है।
वित्त विभाग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा, कि सभी ऋण नियोजित विकास कार्यों के लिए हैं
जनता और विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह कर्ज योजनाबद्ध और पारदर्शी ढंग से उपयोग हुआ तो इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। लेकिन कर्ज प्रबंधन में गड़बड़ी हुई तो आने वाले वर्षों में वित्तीय असंतुलन बढ़ सकता है।
