भरभराकर गिरा पुल
चश्मदीदों का कहना है कि ढलाई के दौरान अचानक तेज आवाज आई और पुल का स्लैब का हिस्सा नीचे धंस गया। देखते ही देखते निर्माणाधीन ढांचा टूटकर भरभराकर गिर पड़ा, जिससे अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण में घटिया सामान और कमजोर सरिया का इस्तेमाल किया गया, जिसके कारण ढलाई के वक्त ही पुल का हिस्सा ध्वस्त हो गया। स्थानीय लोगों ने निर्माण एजेंसी और विभागीय अधिकारियों पर सवाल उठाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की।

Gopalganj Bridge Collapse: जांच में लगी टीम
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और इंजीनियरिंग टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम पूरे मामले की जांच करने में लगी है कि यह हादसा कैसे हुआ? फिलहाल निर्माण कार्य को रोक दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इधर, इस घटना से आक्रोशित लोगों का कहना है कि अगर वक्त रहते गुणवत्ता की जांच नहीं की गई तो भविष्य में एक बड़ा हादसा हो सकता है।
पहले भी गिरे पुल
बता दें कि बिहार में पुल गिरने की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। 4 जून 2023 को भागलपुर में सुल्तानगंज-अगुवानी पुल का एक हिस्सा गंगा में गिर गया था। इसके बाद अगस्त 2023 में उसी पुल का दूसरा भाग भी ढह गया, जिसने निर्माण गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए थे। वहीं 18 जून 2024 को अररिया में सिकटी प्रखंड के पास निर्माणाधीन पुल के गिरने की घटना सामने आई थी, जहां उद्घाटन से पहले ही पुल ध्वस्त हो गया था। लगातार हो रही इन घटनाओं से साफ है कि निर्माण कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
