goa durghatna shri lerai jatra : गोवा, 3 मई 2025: गोवा के शिरगांव में शुक्रवार शाम को श्री लेराई जात्रा के दौरान हुई भगदड़ में 7 लोगों की मौत हो गई और 50 से अधिक लोग घायल हो गए। यह दुर्घटना शनिवार सुबह मीडिया में सामने आई, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। घायलों में से 20 की हालत गंभीर बताई जा रही है, और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
goa durghatna shri lerai jatra : घटना का विवरण
शुक्रवार शाम को, बड़ी संख्या में भक्त जुलूस में भाग लेने के लिए मंदिर की ओर जा रहे थे। इस बीच, एक दुकान के सामने बिजली के तार की चपेट में आने से कई लोग गिर गए। इसके बाद अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ मच गई। यह भगदड़ इतनी भयानक थी कि कई लोग घायल हो गए और कुछ की तो जान भी चली गई।
मुख्यमंत्री का दौरा
घटना की जानकारी मिलते ही गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने उत्तर गोवा जिला अस्पताल और बिचोलिम अस्पताल का दौरा किया और घायलों से मुलाकात की। उन्होंने अधिकारियों को सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। घायलों का इलाज गोवा मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) और उत्तरी गोवा जिला अस्पताल में चल रहा है।
गोवा के शिरगांव में श्री लेराई जात्रा के दौरान भगदड़ में 7 लोगों की मौत, 50 से अधिक घायल। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने घायलों से मुलाकात की। #GovaTragedy #ShriLeraiJatra
— ANI (@ANI) May 3, 2025
श्री लेराई जात्रा क्या है?
श्री लेराई जात्रा गोवा के बिचोलिम तालुका के शिरगांव गांव में आयोजित एक प्रमुख हिंदू धार्मिक त्योहार है, जो देवी लेराई को समर्पित है। यह त्यौहार हर साल अप्रैल या मई में आयोजित किया जाता है। यह यात्रा 2 मई की शाम से 3 मई की सुबह तक चली। इसी दौरान एक दुर्घटना घटी।
राहत और बचाव कार्य
दुर्घटना के बाद से राहत और बचाव कार्य जारी है। स्थानीय प्रशासन और चिकित्सा टीमें घायलों की मदद कर रही हैं। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने घायलों के इलाज के लिए सभी संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
जनता का रोष
इस दुर्घटना के बाद जनता में रोष की लहर दौड़ गई है। लोग सुरक्षा व्यवस्था की कमी को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि अगर उचित सुरक्षा उपाय लिए गए होते, तो यह दुर्घटना टाली जा सकती थी।
भविष्य में सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी
इस दुर्घटना ने एक बार फिर से यह संकेत दिया है कि धार्मिक त्यौहारों और जुलूसों में सुरक्षा को सबसे पहले स्थान दिया जाना चाहिए। प्रशासन को भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए कड़े उपाय करने होंगे।
श्री लेराई जात्रा में हुई यह दुर्घटना एक संत्रास की घड़ी है। हमें इस दुर्घटना से सबक लेना होगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे। हमारी दुआएं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए हैं और मृतकों के परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं हैं।
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