Girraj Prasad Tiwari death: राजस्थान के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और भरतपुर के वरिष्ठ नेता गिर्राज प्रसाद तिवारी का 105 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा समेत कई वरिष्ठ बीजेपी नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनका अंतिम संस्कार भरतपुर जिले के बयाना उपखंड के पैतृक गांव बिड्यारी में किया गया, जहां परिवारजन, समर्थक और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे।

वकालत से राजनीति तक का सफर
गिर्राज प्रसाद तिवारी का जन्म 1920 में हुआ था। शुरुआती शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने कानून की पढ़ाई की और वकालत के पेशे से अपने करियर की शुरुआत की। वकालत करते हुए उन्होंने समाज के दबे-कुचले और जरूरतमंद वर्ग की आवाज उठाई।
उनकी ईमानदारी और सामाजिक सरोकारों के कारण वे लोगों के बीच लोकप्रिय होते चले गए। धीरे-धीरे वे सक्रिय राजनीति में आए और जनता की सेवा को ही अपना उद्देश्य बनाया।
Girraj Prasad Tiwari death: विधानसभा अध्यक्ष बने
गिर्राज प्रसाद तिवारी का राजनीतिक सफर बेहद लंबा और संघर्षपूर्ण रहा। वे राजस्थान की राजनीति में एक साफ-सुथरी छवि वाले नेता के रूप में जाने जाते थे। अपने क्षेत्र भरतपुर और बयाना में उन्होंने हमेशा विकास और जनता की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी।
उनकी निष्ठा और कार्यशैली के कारण वे प्रदेश की राजनीति में उच्च पदों तक पहुंचे। उन्हें राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष बनने का अवसर मिला। इस पद पर रहते हुए उन्होंने सदन की गरिमा बनाए रखने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का काम किया।

जनता के बीच लोकप्रिय नेता
गिर्राज प्रसाद तिवारी का व्यक्तित्व सादगी और सेवा भाव से भरा हुआ था। वे जनता से सीधा संवाद करते थे और हमेशा लोगों की समस्याओं को सुनते थे। चाहे किसानों की समस्या हो, शिक्षा का मुद्दा हो या स्थानीय विकास कार्य, उन्होंने हर क्षेत्र में योगदान दिया।
उनकी लोकप्रियता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि उनके निधन की खबर से न केवल भरतपुर जिले में, बल्कि पूरे राजस्थान में शोक की लहर दौड़ गई। लोग उन्हें सिर्फ एक नेता ही नहीं, बल्कि जनसेवक के रूप में याद कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री और नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शोक संदेश जारी करते हुए कहा कि गिर्राज प्रसाद तिवारी का निधन प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि तिवारी जी का जीवन सेवा, संघर्ष और समर्पण का आदर्श उदाहरण है।

इसके अलावा, प्रदेश के कई वरिष्ठ बीजेपी नेताओं और अन्य दलों के नेताओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया।
Girraj Prasad Tiwari death: अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
गिर्राज प्रसाद तिवारी का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव बिड्यारी, बयाना में किया गया। अंतिम यात्रा के दौरान क्षेत्र के लोग भारी संख्या में मौजूद रहे। परिवार के सदस्यों, समर्थकों और स्थानीय नागरिकों ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी।
गांव की गलियों से लेकर श्मशान घाट तक लोगों की भीड़ ने यह दिखा दिया कि तिवारी जी जनता के दिलों में कितनी गहरी छाप छोड़ गए थे।
राजनीतिक और सामाजिक योगदान
गिर्राज प्रसाद तिवारी ने राजनीति के साथ-साथ समाज सेवा में भी अहम योगदान दिया। उन्होंने शिक्षा, ग्रामीण विकास और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में काम किया। भरतपुर क्षेत्र में सड़कों, स्कूलों और स्वास्थ्य सेवाओं के विकास में उनका विशेष योगदान रहा।
उनकी सोच हमेशा भविष्यवादी रही और उन्होंने युवाओं को राजनीति में सक्रिय होने के लिए प्रेरित किया।
