
जनगणना में गलती का खामियाजा
जूना उगला गांव में वर्ष 2011 की जनगणना में गलती के कारण अनुसूचित जाति की जनसंख्या को शून्य और अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या को दर्ज किया गया था। वास्तव में, गांव में अनुसूचित जनजाति की कोई आबादी नहीं है, जबकि अनुसूचित जाति के 60 से अधिक मतदाता मौजूद हैं। इस गलत आंकड़े के आधार पर वार्ड नंबर 8 को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित कर दिया गया, जिससे अनुसूचित जाति के लोगों में असंतोष पैदा हुआ।
Gir Somnath Panchayat Election Dispute: वार्ड में उम्मीदवारी का अभाव
चूंकि जूना उगला गांव में अनुसूचित जनजाति की आबादी शून्य है, इसलिए वार्ड नंबर 8 में कोई भी उम्मीदवारी दर्ज नहीं की गई। इस स्थिति ने अनुसूचित जाति के मतदाताओं के बीच और अधिक नाराजगी पैदा की, क्योंकि उन्हें लगता है कि उनका प्रतिनिधित्व छीना गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गलती के कारण उनकी आवाज को दबाया जा रहा है, और वे अपने हक के लिए लड़ने को तैयार हैं।
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उचित कार्रवाई की मांग
अनुसूचित जाति के मतदाताओं ने गिर सोमनाथ जिला कलेक्टर को एक लिखित ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने मांग की कि वार्ड नंबर 8 को अनुसूचित जाति के लिए आवंटित किया जाए। उन्होंने जनगणना की गलती को सुधारने और वास्तविक जनसंख्या के आधार पर वार्ड आवंटन करने की अपील की है। ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो 60 से अधिक अनुसूचित जाति के मतदाता ग्राम पंचायत चुनाव का बहिष्कार कर सकते हैं।

Gir Somnath Panchayat Election Dispute: प्रशासन की जिम्मेदारी
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले में त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि अनुसूचित जाति के मतदाताओं को उनका उचित प्रतिनिधित्व मिल सके। उन्होंने मांग की है कि जनगणना के आंकड़ों को ठीक किया जाए और वार्ड आवंटन में पारदर्शिता बरती जाए। यह मामला न केवल जूना उगला गांव, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण बन सकता है।
चुनाव बहिष्कार की धमकी
Gir Somnath Panchayat Election Dispute: अनुसूचित जाति के मतदाताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे चुनाव का बहिष्कार करेंगे। इससे गांव में ग्राम पंचायत चुनाव की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और सामाजिक तनाव बढ़ सकता है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से ले और समय रहते समाधान निकाले।
विशाल चौहान की रिपोर्ट
