Ghaziabad bank manager shot: उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद में एक गार्ड ने बैंक मैनेजर को गोली मार दी। बताया जा रहा है कि छुट्टी को लेकर विवाद हुआ था, इससे गुस्साएं गार्ड ने बैंक मैनेजर की छाती में गोली मार दी। तुरंत बैंक मैनेजर को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, इस घटना के बाद से गार्ड फरार हो गया है।

छुट्टी को लेकर विवाद
बता दे, गार्ड रवींद्र कई दिनों से मैनेजर अभिषेक से छुट्टी मांग रहा था। सोमवार करीब 1:45 बजे वह मैनेजर के पास पहुंचा। जहां छुट्टी को लेकर अभिषेक से उसका विवाद हो गया। इसी बीच गार्ड रवींद्र ने बंदूक से उनकी छाती पर गोली मार दी। मैनेजर अभिषेक लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गए।
Ghaziabad bank manager shot: मैनेजर की मौत
बैंक में अचानक फायरिंग से लोग दहशत में आ गए। इसी बीच आरोपी गार्ड अपने एक अन्य और साथी के साथ मौके से भाग निकला। बैंक स्टाफ ने मैनेजर को बाइक से दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उनकी मौत हो गई।

सीने में मारी गोली
घटना से जुड़ा बैंक के गेट का एक CCTV भी सामने आया है, जिसमें गार्ड अपने साथी के साथ नजर आ रहा था। उसके भागने के कुछ मिनट बाद बैंक मैनेजर को लोग उठाकर ले जाते नजरआए। वारदात लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र के बलराम नगर इलाके में हुई है। मामले में ACP ज्ञान प्रकाश राय ने बताया – आरोपी गार्ड बागपत का रहने वाला है। काफी समय से छुट्टी को लेकर मैनेजर अभिषेक से विवाद था। इसके चलते उसने घटना को अंजाम दिया। आरोपी की तलाश के लिए टीमें लगा दी हैं।
आर्मी से रिटायर्ड आरोपी
बैंक मैनेजर अभिषेक शर्मा पटना के लखीपुर के रहने वाले थे। अगस्त, 2025 से वह गाजियाबाद में अपनी पत्नी के साथ किराए पर रह रहे थे। पुलिस के मुताबिक, गार्ड रवींद्र हुड्डा 2018 में आर्मी से रिटायर्ड हुआ था। वह बागपत के मंसूरपुर का रहने वाला है। रवींद्र की 3 महीने पहले पंजाब एंड सिंध बैंक में नौकरी लगी थी। सोमवार सुबह वह ड्यूटी पर नहीं आया तो बैंक मैनेजर अभिषेक ने उसे फोन किया। ड्यूटी पर न आने का कारण पूछते हुए फटकार लगाई। अभिषेक ने यह भी कहा कि बैंक आओ।
गुस्से में पहुंचा बैंक
Ghaziabad bank manager shot: रवींद्र गुस्से में अपने एक साथी के साथ बाइक से बैंक पहुंचा। उसने साथी को बैंक के बाहर खड़ा किया। फिर अंदर जाकर उसने बंदूक ली। इसके बाद वह सीधे अभिषेक के पास पहुंचकर झगड़ने लगा। घटना के समय बैंक में मैनेजर समेत 5 कर्मचारी काम कर रहे थे। जब तक अन्य कर्मचारी कुछ समझ पाते, तब तक गार्ड ने अभिषेक के सीने में गोली मार दी।
