Ghaggar Riverfront Hanumangarh: हनुमानगढ़ में घग्घर बहाव क्षेत्र में सुरक्षा और सौंदर्यीकरण के कार्य आने वाले समय में शुरू होंगे। राज्य सरकार की बजट घोषणा में इन कामों के लिए 325 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। GDC और नाली बेड में होने वाले कार्य के लिए DPR बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

ग्रामीणों के सुझाव
कंसल्टेंट एजेंसी (नेपकोन) की टीम लगातार इन कामों को करवाने को लेकर संभावनाएं तलाश रही है। नेपकोन की ओर से गांवों में शिविर लगाकर लगातार ग्रामीणों के सुझाव लिए जा रहे हैं। घग्घर क्षेत्र के कुछ गावों में शिविर लगाया गया। गंगागढ़ के पास लगे शिविर में लोगों की राय जानी ली।
सीमांकन करने का मुद्दा
जल संसाधन उत्तर हनुमानगढ़ के चीफ इंजीनियर प्रदीप रुस्तगी, SE शिवचरण रेगर, एक्सईएन हरि सिंह सिहाग मौजूद रहे। प्रशासक नवनीत संधू के नेतृत्व में किसानों ने नाली बेड का सीमांकन करने का भी मुद्दा उठाया। ग्रामीणों ने नाली बेड की चौड़ाई बढ़ाने, अवैध बंधे हटाने समेत कई सुझाव दिए। उन्होंने सीमांकन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बहाव क्षेत्र की सेंटर लाइन से दोनों तरफ डेढ़-डेढ़ बीघा जमीन का सीमांकन किया जाए।
Ghaggar Riverfront Hanumangarh: क्या है शर्तें?
मुख्य अभियंता प्रदीप रुस्तगी ने जल संसाधन खंड द्वितीय के XEN हरि सिंह को प्रशासन से वार्ता कर सीमांकन की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। इस दौरान कृषकों ने कहा कि घग्घर नदी के पानी का सदुपयोग करते हुए पाइप लाइन के जरिए बारानी इलाके तक पहुंचाया जाए। राज्य सरकार ने घग्घर क्षेत्र की चौड़ाई 6 से 3 बीघा कर दी गई है। इसमें कुछ शर्तें लगाई है। इसका अध्ययन संबंधित एजेंसी कर रही है। GDC की लाइनिंग पक्की करने, पुलों के निर्माण के बाद इसका क्या असर आएगा, किस तरह से रिवर फ्रंट के तौर पर हनुमानगढ़ शहरी क्षेत्र में नदी क्षेत्र को विकसित किया जाए। इन तमाम पहलुओं पर कंसल्टेंट एजेंसी विचार कर रही है।
