अब युद्ध को खत्म करने के लिए 5 शर्तें
गाजा सिटी पर इजराइली कब्जे की मंजूरी: एक नया मोड़
इजराइल की कैबिनेट ने शुक्रवार को गाजा सिटी पर इजराइली सेना को कब्जा करने की मंजूरी दे दी, और ये कदम इजराइल हमास संघर्ष में एक नया मोड़ ला सकता है। इस निर्णय को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने आधिकारिक रूप से पुष्टि किया है, जिसके बाद इस पर कई घंटों तक कैबिनेट में बहस और विचार विमर्श हुआ।
क्योंकि गाजा के लगभग 75 प्रतिशत हिस्से पर पहले ही इजराइली सेना का नियंत्रण है, अब केवल गाजा सिटी और उसके आसपास का इलाका इजराइल की सैन्य कार्रवाई का अगला टार्गेट बन चुका है। यह कदम बिग गाजा प्लान के तहत उठाया जा रहा है, जिसमें गाजा सिटी पर पूर्ण कब्जा करना शामिल है, और इस पर इजराइली सैन्य नेतृत्व की विस्तृत रणनीति तय की गई है।
युद्ध के खत्म होने के बदले हमास से क्या चाहिए?
इजराइल की कैबिनेट ने गाजा में सैन्य कार्रवाई जारी रखने के साथ साथ हमास के सामने 5 प्रमुख शर्तें रखी हैं:
- हमास का पूरी तरह से हथियार डालना।
- बचे हुए 50 बंधकों की रिहाई। (जिसमें से केवल 20 के जीवित होने की संभावना है।)
- गाजा से सभी सैन्य ताकतों का खात्मा।
- गाजा पर इजराइल का सुरक्षा नियंत्रण।
- गाजा में एक वैकल्पिक नागरिक प्रशासन का गठन, जो न तो हमास हो, न ही फिलिस्तीनी प्राधिकरण।
इन शर्तों को लेकर हमास और इजराइल के बीच जबरदस्त तनाव और बातचीत जारी है। नेतन्याहू ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उनका मकसद गाजा पर इजराइल का पूर्ण नियंत्रण नहीं है, बल्कि वो चाहते हैं कि गाजा को हमास के आतंक से मुक्त किया जाए।

नेतन्याहू का कहना हम गाजा पर शासन नहीं करना चाहते
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार रात एक बयान में कहा,
हमारा मकसद गाजा को हमास के आतंक से मुक्त करना है। हम गाजा के लोगों को स्वतंत्रता देना चाहते हैं, और फिर शासन एक जिम्मेदार अरब ताकत को सौंपना चाहते हैं।
नेतन्याहू ने यह भी कहा कि इजराइल गाजा पर नागरिक शासन लागू नहीं करेगा और न ही फिलिस्तीनी प्राधिकरण को इसमें कोई भूमिका दी जाएगी। उनका मकसद केवल गाजा की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है, ताकि गाजा के लोग एक सुरक्षित जीवन जी सकें और इजराइल के लिए यह क्षेत्र एक खतरे का कारण न बने।
सेना प्रमुख की आपत्ति और नेतन्याहू की जिद
हालांकि, नेतन्याहू के बिग गाजा प्लान पर इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने अपनी आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि गाजा पर कब्जे की कोशिश से इजराइली बंधकों की जान को खतरा हो सकता है और इजराइल एक थकाऊ युद्ध में उलझ सकता है। इसके बावजूद, नेतन्याहू के करीबी सहयोगियों ने जमीर का इस्तीफा मांगने तक की बात की, अगर वे इस प्लान से सहमत नहीं होते।

हर दिन 28 बच्चों की मौत
गाजा की हालत बहुत ही भयावह हो चुकी है। यूनिसेफ ने हाल ही में रिपोर्ट दी है कि हर दिन औसतन 28 बच्चे मारे जा रहे हैं। अक्टूबर 2023 से लेकर अब तक 18,000 से ज्यादा बच्चे इस संघर्ष में अपनी जान गंवा चुके हैं।
बमबारी, कुपोषण और मानवीय सहायता की कमी ने गाजा को जीवन के लिए एक नर्क बना दिया है। भुखमरी के कारण भी कई मौतें हो रही हैं। एक तरफ इजराइल का सैन्य अभियान चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ गाजा के नागरिक, जिनमें सबसे ज्यादा बच्चे हैं, अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
क्या गाजा पर इजराइल का कब्जा दुनिया में नए विवाद का कारण बनेगा?
गाजा पर इजराइल के पूर्ण कब्जे की संभावनाएँ तो बढ़ रही हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह कदम विश्व समुदाय के बीच नए विवाद को जन्म देगा? फिलिस्तीनी अधिकारों और मानवाधिकारों के मसले पर अंतरराष्ट्रीय आलोचनाएँ और इजराइल के कदमों पर सवाल उठने लगे हैं।

इस बीच, इजराइल का सैन्य शासन लागू करने की सख्त मांग की जा रही है, जिसमें यहूदियों की बस्तियों का पुनर्निर्माण भी शामिल है, जो कट्टरपंथी मंत्री के लिए एक अहम मुद्दा है।
गाजा की आबादी का भविष्य
गाजा की वर्तमान स्थिति को देखते हुए, गाजा की 23 लाख से ज्यादा आबादी का भविष्य अभी अस्पष्ट है। दुनिया भर में इजराइल के कब्जे के खिलाफ विरोध बढ़ रहा है, और कई देशों ने इसकी आलोचना की है। अब समय यह तय करेगा कि इजराइल का गाजा पर कब्जा पूरी दुनिया के लिए क्या परिणाम लाएगा।
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