Use Banana Peels in Gardening: भाग दौड़ भरी जिंदगी में हर कोई बहुत व्यस्त है, और गार्डेनिंग करने का समय नहीं मिलता। घर में लगे पौधें खराब होने लगते है, ऐसे में एक ऐसी चीज जो हम कचरा समझकर फेक देते है, उसका इस्तेमाल आप गमले या बगीचे के पौधों को हरा-भरा बनाए रखने में कर सकते हैं। खासकर केले के छिलके एक ऐसा घरेलू उपाय हैं जो न सिर्फ पौधों को जरूरी पोषक तत्व देते हैं, बल्कि उन्हें सूखने और बीमारी से भी बचाते हैं।
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क्यों फायदेमंद हैं केले के छिलके?
मिट्टी की गुणवत्ता में होगा सुधार
केले के छिलके जब मिट्टी में मिल जाते हैं, तो धीरे-धीरे सड़कर उसे उपजाऊ बनाते हैं। इससे मिट्टी में नमी बनी रहती है, और पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं।
कीट और फफूंद से बचाव…
इन छिलकों में प्राकृतिक गुण होते हैं जो हानिकारक कीट और फंगस को मिट्टी से दूर रखते हैं। इससे पौधों पर कीड़े या सड़न नहीं लगती।
जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर…
केले के छिलकों में पोटैशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम और फॉस्फोरस जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये पौधों की ग्रोथ को तेज करने और पत्तियों को हरा-भरा बनाए रखने में मदद करते हैं।

पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद…
छिलकों को फेंकने की बजाय यदि आप उन्हें कम्पोस्ट में इस्तेमाल करते हैं, तो आप वेस्ट को कम करते हैं और इको-फ्रेंडली गार्डनिंग को बढ़ावा देते हैं।
केले के छिलकों का उपयोग कैसे करें?
पाउडर बनाकर मिलाएं…
केले के छिलकों को धूप में अच्छी तरह सुखा लें। फिर इन्हें मिक्सी में पीसकर पाउडर बना लें और मिट्टी या खाद में मिला दें। यह पौधों के लिए नेचुरल फर्टिलाइज़र का काम करता है।
सीधे मिट्टी में दबाएं…
छिलकों को छोटे टुकड़ों में काटकर गमले या बगीचे की मिट्टी में थोड़ा गहराई में दबा दें। ये धीरे-धीरे सड़ते हैं और पोषक तत्व छोड़ते हैं।

लिक्विड खाद बनाएं…
छिलकों को एक जार पानी में कुछ दिन तक भिगोकर रखें। जब वह थोड़ा फर्मेंट हो जाए, तो इस लिक्विड को छानकर पौधों पर छिड़कें या मिट्टी में डालें। यह नेचुरल टॉनिक की तरह काम करेगा।
कम्पोस्ट में मिलाएं…
आप केले के छिलकों को किचन वेस्ट (जैसे सब्जियों के छिलके, सूखी पत्तियां) के साथ कम्पोस्ट बिन में डाल सकते हैं। इससे घर पर बना खाद तैयार होगा, जो पौधों के लिए बहुत फायदेमंद होगा।
अतिरिक्त सुझाव…
1. हर पौधे की जरूरत अलग होती है, इसलिए सप्ताह में एक बार केले के छिलकों का उपयोग करें।
2. गीली मिट्टी में छिलके डालने से पहले देख लें कि ड्रेनेज ठीक है या नहीं, वरना फफूंद लग सकती है।
3. लिक्विड खाद का छिड़काव सुबह या शाम में करें, धूप में नहीं।

