झांसी में ऐतिहासिक कार्रवाई
शंकरगढ़ रोड पर दिगारा गांव में कोतवाली, नवाबाद और बड़ागांव थानों की पुलिस ने भारी प्रशासनिक अमले के साथ दस्तक दी। गैंगस्टर एक्ट के तहत आरोपी रमेश चंद्र गुप्ता की संपत्ति पर मुनादी कराई गई। ढोल-नगाड़ों की थाप और मुनादी की आवाज के बीच पुलिस ने एक-एक संपत्ति पर कुर्की का बोर्ड ठोंक दिया। इस कार्रवाई ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी। करीब 32 करोड़ रुपये की बेशकीमती संपत्ति, जो अपराध की काली कमाई से अर्जित की गई थी, अब कानून के कब्जे में है। यह कार्रवाई झांसी की जमीन पर एक ऐतिहासिक क्षण बन गया।

काली कमाई और फर्जीवाड़े का खेल
रमेश चंद्र गुप्ता ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों की जमीनों को बेचकर पूरे सिस्टम को चकमा देने की कोशिश की थी। हरेंद्र मसीह और अन्य सहयोगियों की मिलीभगत से उसने अपराध की दुनिया में अपनी धाक जमाई। लेकिन कानून की पैनी नजर ने इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश कर दिया। गुप्ता की संपत्ति, जो उसने काले धन से खड़ी की थी, अब प्रशासन के नियंत्रण में है। इस कार्रवाई ने साफ कर दिया कि अपराध की कमाई से बनाया गया साम्राज्य ज्यादा दिन नहीं चल सकता।

Gangster Property Seizure Jhansi: कानून की जीत
जब मुनादी हो रही थी, गांव में लोगों की भीड़ जमा हो गई। कुछ के चेहरों पर सुकून था, क्योंकि वे लंबे समय से इस फर्जीवाड़े के शिकार थे। वहीं, कुछ की आंखों में डर साफ दिख रहा था। यह कार्रवाई सिर्फ एक गैंगस्टर की संपत्ति कुर्क करने तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह सिस्टम को कमजोर करने वालों के लिए खुली चेतावनी थी। ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच यह संदेश गया कि अब अपराध का खेल खत्म हो चुका है और कानून की जीत शुरू हो गई है।

अपराधियों के लिए सख्त संदेश
Gangster Property Seizure Jhansi: योगी सरकार ने साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों की अब खैर नहीं। यह कार्रवाई एक शुरुआत है, जिसके तहत अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करने का सिलसिला जारी रहेगा। जो लोग समाज को खोखला करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके लिए कानून का डंडा तैयार है। झांसी की इस कार्रवाई ने न केवल अपराधियों के मन में खौफ पैदा किया है, बल्कि आम जनता को यह भरोसा भी दिलाया है कि कानून की ताकत हर अपराधी को सजा दिलाएगी।
