Ganesh idol modification sin : शंकराचार्य ने गणेश प्रतिमाओं को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि गणेश जी की मूर्तियों में किसी और की तस्वीर या स्वरूप दिखाना पाप है। यह कथन मूर्तिकारों के लिए भी चेतावनी है कि वे प्रतिमा बनाते वक्त शास्त्रों का ध्यान रखें। शंकराचार्य के अनुसार, गणेश जी की पूजा में शुद्धता और सम्मान अनिवार्य है, जिससे किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या विकृति स्वीकार नहीं की जा सकती।
read more :कबूलनामे से दहला हाई-प्रोफाइल ड्रग नेटवर्क,नव्या मलिक ने खोली रसूखदारों की पोल
रायपुर में हिंदू संगठन का विरोध और मूर्तियों के विसर्जन की मांग
रायपुर के हिंदू संगठनों ने शंकराचार्य के बयान का समर्थन करते हुए कहा है कि ऐसी छेड़छाड़ का बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने तत्काल सभी गणेश प्रतिमाओं का सही तरीके से विसर्जन करने की मांग की है। उनका कहना है कि धार्मिक परंपराओं का उल्लंघन धार्मिक सौभाग्य और श्रद्धा को प्रभावित करता है, इसलिए इसे रोका जाना चाहिए। संगठनों ने मूर्तिकारों को भी शास्त्रों का सम्मान करने और पूजा विधि का सही पालन करने की अपील की है।
यह पूरा घटनाक्रम गणेश चतुर्थी के पावन माह में धार्मिक विश्वासों की रक्षा का संदेश देता है और लोगों को सांस्कृतिक तथा धार्मिक विधि का सम्मान करने का आग्रह करता है। शंकराचार्य और संगठनों का यह संयुक्त बयान धार्मिक आस्था के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।
हिंदू संगठन ने कहा-गलत है ये, पुलिस कार्रवाई करे
सर्व हिंदू समाज नीलकंठ महाराज और विश्वदिनी पांडेय ने कहा कि, रायपुर में कुछ जगहों पर गणपति प्रतिमाओं को पारंपरिक स्वरूप से हटकर कार्टून या क्यूट अंदाज में प्रस्तुत किया गया है। भगवान के इस रूप को देखकर बच्चों और युवाओं में खराब छवि बन रही है। ऐसे आयोजनों से धार्मिक आयोजन की पवित्रता प्रभावित हो रही है।
