ganesh chaturthi 2024: खंडवा शहर में गणेशोत्सव का रंग-रंगीन उत्सव पूरे जोश और धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। इस बार, श्री गणेश जी के भक्तों को एक नई और अनोखी झांकी देखने को मिल रही है, जो न केवल धार्मिक भावना को दर्शाती है बल्कि पर्यावरण संरक्षण का भी महत्वपूर्ण संदेश देती है।
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पर्यावरण संरक्षण के संदेश को प्राथमिकता दी है
ganesh chaturthi 2024: खंडवा के सेठी नगर में गोल्डन गणेश मण्डल ने इस बार पर्यावरण संरक्षण के संदेश को प्राथमिकता दी है। मण्डल ने एक स्थायी झांकी तैयार की है, जो पूरी तरह से जंगल की थीम पर आधारित है। इस झांकी में एक सुंदर जंगल, झरना, नदी, और गार्डन को जीवंत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। विशेष रूप से, यहां पर भगवान श्री गणेश जी की मूर्ति को इस झांकी में शामिल किया गया है, जो प्रकृति की गोद में बैठे हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रही है।

श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में पौधे दिए जा रहे हैं
ganesh chaturthi 2024: इस अनोखी झांकी का मुख्य आकर्षण है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में पौधे दिए जा रहे हैं। भक्तों से अनुरोध किया जा रहा है कि वे अपने घरों में इन पौधों को लगाएं और पेड़-पौधों की रक्षा करने का संकल्प लें। मण्डल के संयोजक रितेश कपूर ने बताया कि यह प्रयास प्राकृतिक सौंदर्यता और प्रकृति के उपहारों की रक्षा के लिए किया जा रहा है। उनका कहना है, “आज के समय में हमें न केवल पेड़-पौधे बचाने की जरूरत है, बल्कि जानवरों की सुरक्षा भी करनी होगी। तभी हम भविष्य को बेहतर बना सकते हैं।

श्रद्धालु इस झांकी की सराहना कर रहे हैं
ganesh chaturthi 2024: गणेश पंडाल का प्रवेश द्वार शेर के मुंह से बनाया गया है, जो खासकर बच्चों को बहुत भा रहा है। पंडाल में बच्चों के लिए झूले और फिसल पट्टी भी लगाई गई है, जिससे पूरा परिवार यहां आनंदित हो सकता है। श्रद्धालु इस झांकी की सराहना कर रहे हैं और इसे पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का एक शानदार तरीका मान रहे हैं। उनका कहना है कि यहां भगवान श्री गणेश के दर्शन के साथ-साथ प्रकृति के सुंदर दृश्य देखना बहुत ही आनंददायक है।
ganesh chaturthi 2024: खंडवा के इस गणेशोत्सव की स्थायी झांकी न केवल धार्मिक उत्सव को खास बनाती है, बल्कि पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी रेखांकित करती है। यह झांकी निश्चित रूप से पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरणास्त्रोत बनी हुई है।
रिपोर्टर – जावेद खान खंडवा
