Ganesh Chaturthi Dress Colors: आज चारो तरफ गणेश चतुर्थी की धूम मची हुई है। बता दें कि भारत में हर साल भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और उत्तर भारत के कई राज्यों में यह पर्व 10 दिनों तक चलता है। इस दौरान भक्त गणपति बप्पा की स्थापना करते हैं और प्रतिदिन पूजा, भजन और आरती के साथ उनका श्रृंगार भी किया जाता है।
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परंपरा के अनुसार, इन 10 दिनों में हर दिन अलग-अलग रंगों के वस्त्र पहनने का विशेष महत्व माना गया है।
आइए जानते हैं गणेश चतुर्थी के 10 दिनों में कौन-कौन से रंग पहनना शुभ माना जाता है:-
पहला दिन – लाल रंग
गणेश चतुर्थी के पहले दिन लाल रंग के कपड़े पहनना सबसे शुभ माना गया है। लाल रंग ऊर्जा, साहस और मंगल का प्रतीक है। इस दिन लाल वस्त्र धारण करने से बप्पा का आशीर्वाद शीघ्र प्राप्त होता है और नए कार्यों में सफलता मिलती है।

दूसरा दिन – सफेद रंग
दूसरे दिन सफेद रंग पहनने की परंपरा है। सफेद रंग शांति, पवित्रता और सात्विकता का प्रतीक है। यह मन को स्थिर करता है और घर-परिवार में सुख-शांति बनाए रखने में सहायक होता है।

तीसरा दिन – हरा रंग
तीसरे दिन हरे रंग के वस्त्र पहनने का महत्व है। हरा रंग समृद्धि, उन्नति और नई शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन हरे वस्त्र पहनने से जीवन में सकारात्मकता आती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

चौथा दिन – पीला रंग
चौथे दिन पीला रंग धारण करना चाहिए। पीला रंग ज्ञान, बुद्धि और सौभाग्य का प्रतीक है। यह रंग विद्यार्थियों और पढ़ाई करने वालों के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

पांचवा दिन – नीला रंग
पांचवे दिन नीला रंग पहनना लाभकारी है। नीला रंग स्थिरता, आत्मविश्वास और गहराई का प्रतीक है। यह मानसिक शांति प्रदान करता है और जीवन में संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।
छठा दिन – नारंगी रंग
छठे दिन नारंगी रंग पहनना चाहिए। यह रंग उत्साह, जोश और अध्यात्म का प्रतीक है। नारंगी वस्त्र पहनकर पूजा करने से व्यक्ति में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और जीवन में खुशहाली आती है।
सातवां दिन – बैंगनी रंग
सातवें दिन बैंगनी (वॉयलेट) रंग पहनना शुभ है। यह रंग रचनात्मकता, आत्मविश्वास और अध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक है। बैंगनी वस्त्र धारण करने से मन की शक्तियां प्रबल होती हैं और व्यक्ति नए विचारों को अपनाने में सक्षम बनता है।
आठवां दिन – गुलाबी रंग
आठवें दिन गुलाबी रंग पहनना सबसे अच्छा माना जाता है। गुलाबी रंग प्रेम, करुणा और सौम्यता का प्रतीक है। इस दिन गुलाबी वस्त्र पहनने से रिश्तों में मधुरता आती है और परिवार में प्रेम बढ़ता है।
नौवां दिन – सुनहरा या सुनहरी झलक वाला रंग
नवमी को सुनहरा या सुनहरी आभा वाले कपड़े पहनना शुभ है। यह रंग धन, ऐश्वर्य और वैभव का प्रतीक है। इस दिन सुनहरे वस्त्र धारण करने से घर में समृद्धि आती है और धन की वृद्धि होती है।
दसवां दिन (अनंत चतुर्दशी) – बहुरंगी या खास परिधान
गणेश चतुर्थी के अंतिम दिन यानी विसर्जन के समय बहुरंगी या खास परिधान पहनना शुभ माना गया है। इसे जीवन के हर रंग को स्वीकार करने का प्रतीक माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु नए वस्त्र पहनकर धूमधाम से बप्पा को विदाई देते हैं।
रंगों का महत्व और आध्यात्मिक संदेश…
गणेश चतुर्थी के इन दस दिनों में अलग-अलग रंग पहनने की परंपरा न केवल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह जीवन में संतुलन और सकारात्मकता लाने का भी एक तरीका है। हर रंग एक अलग ऊर्जा का प्रतीक है और इसे अपनाने से मनुष्य का मानसिक, आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन संतुलित रहता है।
Note – The information in this article is based on traditional beliefs and scriptures. It is meant only for general awareness. We do not claim authenticity of any personal faith or ritual. Readers are advised to consult their family traditions or spiritual guide before following any religious practice.
