
समरस ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहन
समारोह में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 761 समरस ग्राम पंचायतों को 35 करोड़ रुपये से अधिक का प्रोत्साहन अनुदान वितरित किया। समरस ग्राम पंचायतें वे हैं, जहां सरपंच और सदस्य बिना किसी विरोध के सर्वसम्मति से चुने जाते हैं, जो सामाजिक सद्भाव और सहमति-आधारित नेतृत्व को बढ़ावा देता है। इस योजना को गुजरात सरकार द्वारा प्रोत्साहित किया जाता है, ताकि ग्रामीण स्तर पर राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और चुनावी खर्चों को कम किया जा सके। भवानीपुर जिले में सबसे अधिक 103 समरस ग्राम पंचायतें हैं, जबकि मेहसाणा जिले में 9 महिला समरस ग्राम पंचायतें शीर्ष पर हैं।
સ્વચ્છતા આપણા સ્વભાવમાં આવી જવી જોઈએ. ગામડાઓને સ્વચ્છ રાખવા ઉપર સરકાર ખૂબ પ્રાધાન્ય આપી રહી છે.
ગામડામાં સ્વચ્છતા-સફાઈ માટે ગામને દર મહિને વ્યક્તિ દીઠ 4 રૂપિયાની ફાળવણી કરવામાં આવતી હતી, તેના બદલે હવે 8 રૂપિયા સરકાર કરશે. #ViksitGramViksitGujarat pic.twitter.com/ik7b3J8zAS
— Bhupendra Patel (@Bhupendrapbjp) July 4, 2025
Newly Elected Sarpanch Felicitation: युवाओं की बढ़ती भागीदारी
मुख्यमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि इस बार ग्राम पंचायत चुनावों में 42% सरपंच 21 से 40 वर्ष की आयु के हैं। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति का ग्रामीण विकास में उत्साहपूर्वक भाग लेना गुजरात के लिए गर्व का विषय है। यह युवा नेतृत्व ग्रामीण क्षेत्रों में नवाचार और प्रगति को गति दे रहा है। सीएम ने जोर देकर कहा कि सरपंच का पद केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनसेवा का पवित्र कार्य है, जो ग्रामीण समुदायों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
સરપંચ તરીકેની જવાબદારી માત્ર પદની નથી, એ જનસેવાના પવિત્ર કાર્યનું સન્માન છે. આજના જમાનામાં ગ્રામીણ નેતૃત્વનું મહત્ત્વ ખૂબ વધી ચૂક્યું છે.
સરપંચોના સફળ સુકાન થકી ગુજરાતની ગ્રામ પંચાયતો વિકાસના વિવિધ પેરામીટર્સમાં દેશમાં મોખરે છે, તે આપણા માટે ગૌરવની વાત છે.… pic.twitter.com/MdNXn4ctpX
— Bhupendra Patel (@Bhupendrapbjp) July 4, 2025
ग्रामीण विकास में गुजरात की प्रगति
सीएम भूपेंद्र पटेल ने कहा कि गुजरात की ग्राम पंचायतें विकास के विभिन्न मापदंडों में देश में अग्रणी हैं, जिसका श्रेय सरपंचों के कुशल नेतृत्व को जाता है। समारोह में पंचायत प्रगति सूचकांक के नौ थीमों में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाली पंचायतों के सरपंचों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इनमें जल-पर्याप्त गांव, स्वच्छ और हरित गांव, आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा, सामाजिक रूप से सुरक्षित गांव और महिला-अनुकूल गांव जैसे थीम शामिल हैं। उदाहरण के लिए, आनंद जिले की रसनोल ग्राम पंचायत को ‘जल-पर्याप्त गांव’ और पंचमहल जिले की छोगाला ग्राम पंचायत को ‘महिला-अनुकूल गांव’ के रूप में सम्मानित किया गया।
इस समारोह में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने भी प्रेरणादायक भाषण दिया, जिसमें उन्होंने ग्रामीण नेतृत्व को प्रोत्साहित किया। यह आयोजन गुजरात में ग्रामीण विकास और समावेशी शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
