
दुर्घटना और सामान्य मृत्यु के लिए सहायता राशि
कार्यक्रम के दौरान, दुर्घटना में मृत्यु के दो हितग्राहियों को चार-चार लाख रुपये के मान से कुल आठ लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। यह राशि नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि मनोज तिवारी द्वारा हितग्राहियों को सौंपी गई। इसके अतिरिक्त, सामान्य मृत्यु के पांच हितग्राहियों को दो-दो लाख रुपये के मान से दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता वितरित की गई। यह राशि हितग्राहियों के बैंक खातों में सीधे हस्तां범ित की गई, जिससे पारदर्शिता और त्वरित सहायता सुनिश्चित हुई।
Jan Kalyan Sambal Scheme Gadhakota: अंत्येष्टि सहायता और अन्य लाभ
मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के तहत चार हितग्राहियों को अंत्येष्टि के लिए 20,000 रुपये की राशि प्रदान की गई। यह सहायता उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है, जो अपने प्रियजनों के अंतिम संस्कार के लिए आर्थिक तंगी का सामना करते हैं। संबल योजना के तहत यह सुनिश्चित किया जाता है कि पात्र परिवारों को न केवल मृत्यु के समय सहायता मिले, बल्कि अन्य आपात स्थितियों में भी वित्तीय मदद उपलब्ध हो। इसके अतिरिक्त, जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहना योजना के तहत 1.27 करोड़ लाभार्थियों के खातों में 1,551.44 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए, जिसमें गढाकोटा के हितग्राही भी शामिल थे।
आयोजन में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
इस वितरण कार्यक्रम में गढाकोटा नगर परिषद के कई प्रमुख अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। नगर परिषद के सीएमओ धनंजय गुमास्ता, अध्यक्ष प्रतिनिधि मनोज तिवारी, उपाध्यक्ष फूलवती परसोत्तम यादव, पार्षद राजू यादव, किशोरी कोरी, और विशाल पटेल सहित नगर पालिका परिषद के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। सभी ने हितग्राहियों को सहायता राशि वितरण में सहयोग किया और इस योजना की महत्ता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान हितग्राहियों ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और इस सहायता को उनके लिए जीवन रक्षक बताया।

Jan Kalyan Sambal Scheme Gadhakota: संबल योजना का महत्व और प्रभाव
मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना मध्यप्रदेश में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना है। इसके तहत दुर्घटना मृत्यु, सामान्य मृत्यु, स्थायी अक्षमता, और अंत्येष्टि सहायता जैसी विभिन्न श्रेणियों में वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। हाल ही में जबलपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 6,821 मामलों में 150 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि हस्तांतरित की थी। यह योजना 1.76 करोड़ से अधिक श्रमिकों को लाभ पहुंचा रही है और आयुष्मान भारत-निरामय योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का मुफ्त चिकित्सा उपचार भी प्रदान करती है।
देवभूषण दुबे की रिपोर्ट
