अमेरिका को मेजबानी सौंपने के प्रस्ताव को नकार
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीकी अध्यक्षता ने अमेरिकी अधिकारी को मेजबानी सौंपने के प्रस्ताव को नकार दिया। अफ्रीकी राष्ट्रपति रामफोसा G20 की अगली अध्यक्षता ‘खाली कुर्सी’ को सौंपेंगे।

G20 Summit US Boycott Declaration: समिट में टूटी परंपराएं
इस बार के G20 समिट बेहद खास मानी जा रही है, क्योंकि इसमें 2 परंपराएं टूटी है। पहली परंपरा मेजबानी सौंपने की। यहां एक लाइव सेरेमनी होती है, जिसमें दोनों देशों के नेता आमने-सामने होते हैं। इस बार अमेरिका की तरफ से ट्रम्प शामिल नहीं हुए। उनकी गैरहाजिरी की वजह से SA के राष्ट्रपति ने खाली कुर्सी को मेजबानी सौंपने का ऐलान किया।
दूसरी परंपरा घोषणापत्र से जुड़ी है। G20 समिट के लास्ट में सभी देश मिलकर एकमत से संयुक्त घोषणापत्र जारी करते हैं। यानी दो दिन की बैठकें, चर्चाएं, ड्राफ्टिंग सब पूरा होता है। इसके बाद अंतिम सत्र में घोषणापत्र जारी किया जाता है। लेकिन इस बार घोषणापत्र पहले ही दिन सर्वसम्मति से पास हो गया।
मोदी-मेलोनी की मुलाकात, ट्रंप-पुतिन और शी जिनपिंग नहीं हुए शामिल
SA G20 Summit Modi: दक्षिण अफ्रीका की धरती पर पहली बार आयोजित G20 शिखर सम्मेलन में दुनिया की बड़ी शक्तियों के नेता पहुंच चुके हैं, और इस बार अमेरिका की गैरमौजूदगी में पहली बार नेताओं ने घोषणा पत्र पर मुहर लगाई।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने इस समिट में हिस्सा नहीं लिया। यूक्रेन युद्ध को लेकर इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। पूरी खबर..
