Frequent urination at night: रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना एक आम समस्या है, जो केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं है, बल्कि युवा और बच्चे भी इससे परेशान हो सकते हैं। इसे अक्सर सामान्य मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है या ज्यादा पानी पीने का कारण माना जाता है, लेकिन यह शरीर में किसी अंदरूनी बीमारी का संकेत भी हो सकता है।

Frequent urination at night: किडनी की समस्या
किडनी शरीर से विषैले तत्व और अतिरिक्त पानी बाहर निकालती है। यदि किडनी कमजोर हो रही हो, तो नमक और पानी का संतुलन बिगड़ जाता है जिससे रात में पेशाब की बारंबारता बढ़ जाती है। यदि पेशाब में झाग या खून आ रहा हो, शरीर में सूजन हो, भूख कम लग रही हो या लगातार थकान महसूस हो रही हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
Frequent urination at night: डायबिटीज
डायबिटीज में जब ब्लड शुगर बढ़ता है तो शरीर अतिरिक्त शुगर को पेशाब के जरिए बाहर निकालता है, जिससे पेशाब बार-बार आता है। प्यास लगना, वजन घटना और थकान इसके संकेत हो सकते हैं।
हाई ब्लड प्रेशर:
Frequent urination at night: उच्च रक्तचाप के मरीज यदि नमक अधिक खाते हैं तो उनका शरीर दिन में नमक नहीं निकाल पाता और यह प्रक्रिया रात में पेशाब के जरिए होती है।
यूरिन इंफेक्शन:
महिलाओं और बुजुर्गों में बार-बार पेशाब का बड़ा कारण यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन हो सकता है। इसमें जलन, बदबू और दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
प्रोस्टेट की समस्या:
बुजुर्ग पुरुषों में प्रोस्टेट ग्लैंड के बढ़ने से पेशाब रुक-रुक कर आ सकता है या बार-बार जाना पड़ सकता है।
अन्य कारण:
Frequent urination at night: प्रेग्नेंसी, कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट, कैफीन या शराब का अत्यधिक सेवन भी इसके कारण हो सकते हैं।
कब सतर्क हों:
अगर पेशाब में झाग, खून, जलन, बदबू आए, शरीर में सूजन हो, प्यास अधिक लगे, वजन कम हो, तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लेनी चाहिए।
बचाव के उपाय:
सोने से 2-3 घंटे पहले पानी पीना कम करें।
कैफीन और शराब से दूरी बनाएं।
ब्लड शुगर और बीपी को कंट्रोल में रखें।
डॉक्टर की सलाह पर दवा लें और जांच करवाएं।
रात में बार-बार पेशाब आना आम बात हो सकती है, लेकिन यदि यह आदत में बदल जाए, तो लापरवाही न बरतें।
