Rafael Marine Fighter Jets : राफेल मरीन जेट्स से हिंद महासागर में चीन से मुकाबला
Rafael Marine Fighter Jets : भारत ने 9 अप्रैल 2025 को फ्रांस से 26 राफेल मरीन फाइटर जेट्स की खरीद को मंजूरी दे दी है। यह सौदा भारतीय नौसेना की सामरिक ताकत को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम है, जो हिंद महासागर में चीन के बढ़ते प्रभाव से निपटने के लिए किया गया है। पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली सुरक्षा पर कैबिनेट कमेटी (CCS) ने इस डील पर मुहर लगाई, जो 64,000 करोड़ रुपये का है।
यह डील भारतीय नौसेना को 22 सिंगल,सीटर और 4 ट्विन,सीटर राफेल मरीन जेट्स प्रदान करेगी। ये विमान भारतीय विमानवाहक पोत INS विक्रांत पर तैनात किए जाएंगे, जो हिंद महासागर में भारत की सैन्य ताकत को मजबूत करेंगे। यह सौदा भारत,फ्रांस रक्षा संबंधों को और भी मजबूत करेगा और भारत को समुद्री सुरक्षा में आत्मनिर्भर बनाएगा।
राफेल मरीन जेट्स की विशेषताएँ
राफेल मरीन जेट्स विशेष रूप से भारतीय नौसेना के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जो विमानवाहक पोतों से उड़ान भरने और शॉर्ट लैंडिंग की क्षमता रखते हैं। इन विमानों की अधिकतम गति मैक 2 (लगभग 2,470 किमी/घंटा) है, और इनकी रेंज 3,700 किमी से अधिक है। ये विमान 50,000 फीट तक की ऊंचाई पर उड़ान भर सकते हैं, जो उन्हें एक बेहतरीन युद्धक क्षमता प्रदान करता है।
इस सौदे से भारतीय नौसेना को अत्याधुनिक तकनीकी उपकरण, हथियार और अन्य आवश्यक सामग्रियाँ भी प्राप्त होंगी, जो उनकी लड़ाई की क्षमता को और बढ़ाएंगे।
चीन से मुकाबला करने की तैयारी
भारत के लिए यह सौदा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चीन हिंद महासागर में अपनी सैन्य उपस्थिति को बढ़ा रहा है। राफेल मरीन जेट्स की तैनाती से भारतीय नौसेना को समुद्र में चीन के जहाजों और पनडुब्बियों का मुकाबला करने में मदद मिलेगी। भारतीय नौसेना के पास पहले से ही INS विक्रमादित्य और INS विक्रांत जैसे विमानवाहक पोत हैं, और अब इन राफेल विमानों के साथ उनकी ताकत में और वृद्धि होगी।
सौदे की प्रक्रिया
इस सौदे की प्रक्रिया कई महीनों से चल रही थी। भारत और फ्रांस के बीच यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2023 की फ्रांस यात्रा के दौरान हुआ था। इसके बाद रक्षा मंत्रालय ने लेटर ऑफ रिक्वेस्ट जारी किया था, जिसे फ्रांस ने दिसंबर 2023 में स्वीकार किया। इस डील से भारत के वायुसेना के लिए भी राफेल जेट्स की खरीदारी के अनुभव को लेकर काफी सकारात्मक परिणाम मिले थे, जिससे इस डील के लिए मार्ग प्रशस्त हुआ।
भारतीय नौसेना की नई ताकत
राफेल मरीन जेट्स के साथ, भारतीय नौसेना को अत्याधुनिक युद्धक विमान प्राप्त होंगे, जो उसे भविष्य की समुद्री सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाएंगे। यह सौदा भारतीय नौसेना की सामरिक तैयारी को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम है, जो भविष्य में और भी उन्नत तकनीकियों को अपनाने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेगा।
भारत ने फ्रांस से 26 राफेल मरीन जेट्स की खरीद के साथ न केवल अपनी नौसेना की ताकत को बढ़ाया है, बल्कि यह कदम हिंद महासागर में चीन की बढ़ती ताकत के मुकाबले के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह डील भारत की समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने में एक निर्णायक भूमिका निभाएगी, जिससे भारतीय सेना को और भी बेहतर तरीके से अपनी सीमाओं की रक्षा करने का अवसर मिलेगा।
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