france palestine recognition news : फ्रांस देगा फिलिस्तीन को देश की मान्यता
france palestine recognition news : पेरिस/जेरूसलम: इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष को लेकर वैश्विक राजनीति में बड़ा मोड़ आने वाला है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बुधवार को संकेत दिए हैं कि उनका देश फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के तौर पर आगामी महीनों में आधिकारिक मान्यता दे सकता है। उन्होंने कहा, “यह फैसला किसी को खुश करने के लिए नहीं लिया जाएगा, बल्कि इसलिए होगा क्योंकि समय सही होगा।”
🔍 मैक्रों का बयान और उद्देश्य
मैक्रों ने एक इंटरव्यू में कहा,
“हम मान्यता की दिशा में बढ़ रहे हैं। मैं यह कदम किसी दबाव में नहीं, बल्कि मिडिल ईस्ट में शांति और टू-स्टेट सॉल्यूशन को समर्थन देने के उद्देश्य से उठा रहा हूं। यह फैसला उस वक्त लिया जाएगा जब हमें लगेगा कि यह उचित है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मान्यता इजराइल के अस्तित्व को नकारने वालों के खिलाफ एक संदेश भी होगी। साथ ही उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि मिडिल ईस्ट के कई देश भी इजराइल को मान्यता देने की ओर आगे बढ़ेंगे।
📅 जून 2025 तक हो सकती है मान्यता
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फ्रांस जून 2025 तक फिलिस्तीन को एक अलग राष्ट्र के रूप में मान्यता देने की औपचारिक घोषणा कर सकता है।
– फरवरी 2024 में भी मैक्रों ने कहा था कि फिलिस्तीन को मान्यता देना फ्रांस के लिए वर्जित नहीं है।
– यह बयान उस समय आया था जब इजराइल-गाज़ा संघर्ष चरम पर था और अंतरराष्ट्रीय समुदाय टू-स्टेट समाधान की पुन: चर्चा कर रहा था।
🌍 संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन की स्थिति
वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र के 193 में से 146 सदस्य देशों ने फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी है।
2023 और 2024 में जिन देशों ने फिलिस्तीन को मान्यता दी, उनमें शामिल हैं:
– स्पेन, आयरलैंड, नॉर्वे, स्लोवेनिया, आर्मेनिया, जमैका, बहामास, त्रिनिदाद और टोबैगो, बारबाडोस।
फ्रांस जैसे शक्तिशाली और UNSC स्थायी सदस्य का यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक कूटनीतिक संकेत माना जा रहा है।
⚖️ टू स्टेट सॉल्यूशन की ओर एक और कदम
मैक्रों पहले भी टू स्टेट सॉल्यूशन यानी इजराइल और फिलिस्तीन दोनों को स्वतंत्र राज्यों के रूप में मान्यता दिए जाने की नीति का समर्थन कर चुके हैं।
उनका मानना है कि मिडिल ईस्ट में स्थायी शांति के लिए यही एकमात्र व्यावहारिक समाधान है।
🧭 क्या होगा असर?
1. इजराइल पर दबाव: फ्रांस का यह कदम इजराइल की अंतरराष्ट्रीय छवि और नीतियों पर प्रभाव डाल सकता है।
2. यूरोपीय संघ की एकता: अन्य यूरोपीय देश भी अब इस दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
3. संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन की स्थिति मजबूत: इसे और देशों का समर्थन मिलेगा।
फ्रांस द्वारा फिलिस्तीन को मान्यता देने का संकेत इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष में राजनयिक संतुलन की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह निर्णय न केवल मिडिल ईस्ट बल्कि वैश्विक राजनीति को भी प्रभावित करेगा। अब यह देखना होगा कि आने वाले महीनों में यह ऐतिहासिक फैसला किस रूप में सामने आता है।
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