jagdeep dhankhar mahakal bhasma aarti: उज्जैन में शनिवार की सुबह खास रही, जब पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे. भोर की भस्म आरती में शामिल होकर उन्होंने भगवान महाकाल से देश की शांति, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की। दर्शन के बाद धनखड़ काफी देर तक मंदिर परिसर में रुके और व्यवस्थाओं को करीब से देखा.
jagdeep dhankhar mahakal bhasma aarti: ‘महाकाल के दरबार में अहंकार, ईर्ष्या खुद हो जाती है खत्म’
आरती संपन्न होने के बाद मीडिया से बातचीत में धनखड़ ने कहा कि देश के माहौल में एक सकारात्मक बदलाव साफ नजर आ रहा है. उन्होंने कहा, “हमें अहंकार, नफरत, बदले की भावना और ईर्ष्या से ऊपर उठना चाहिए। हर नागरिक स्वस्थ और खुशहाल रहे, यही मेरी प्रार्थना रही. उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसान परिवार से आने के कारण उन्हें किसानों के संघर्ष और सेना के बलिदान का मोल भली-भांति समझ में आता है, यही सोच देश को मजबूत बनाती है.

jagdeep dhankhar mahakal bhasma aarti: मंदिर प्रबंधन ने किया स्वागत
मंदिर पहुंचने पर श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने धनखड़ का स्वागत किया। इस मौके पर उन्हें प्रसाद और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाएं सुस्पष्ट और सुव्यवस्थित रहीं।
धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं की खुलकर तारीफ
मीडिया से चर्चा में धनखड़ ने कहा कि देश के धार्मिक स्थलों पर जिस तरह से प्रबंधन और विकास कार्य हो रहे हैं, वह सराहनीय है। श्री महाकालेश्वर मंदिर की व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि यहां आकर मन को अद्भुत शांति मिलती है. उनका कहना था कि महाकाल के दरबार में आने से अहंकार, ईर्ष्या और प्रतिशोध जैसी भावनाएं खुद ही दूर हो जाती हैं, यही आध्यात्मिक स्थलों की असली शक्ति है.
