Forest Guard Training: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ स्थित वन्यजीव प्रशिक्षण संस्थान में फॉरेस्ट गार्ड्स के पहले बैच ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। यह प्रशिक्षण केंद्र उत्तराखंड वन विभाग द्वारा स्थापित किया गया है, जिसका उद्देश्य वन और वन्यजीव सुरक्षा में तैनात फॉरेस्ट गार्ड्स को आधुनिक तकनीकों और व्यावहारिक जानकारी से सुसज्जित करना है।

Forest Guard Training: असली हालात में काम करने के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान गार्ड्स को न केवल जंगलों की सुरक्षा की बारीकियां सिखाई गईं, बल्कि वन्यजीवों की निगरानी, संरक्षण, अपराध नियंत्रण और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसे अहम विषयों पर भी गहन प्रशिक्षण दिया गया। इसमें पारंपरिक ज्ञान के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों, उपकरणों और कानूनी प्रक्रियाओं की भी जानकारी दी गई। गार्ड्स को कक्षा में सैद्धांतिक शिक्षा के अलावा फील्ड में जाकर व्यावहारिक अनुभव भी कराया गया, जिससे वे असली हालात में काम करने के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।
Forest Guard Training: कर्तव्यों का निर्वहन और बेहतर तरीके से कर सकेंगे
प्रशिक्षण में भाग ले रहे फॉरेस्ट गार्ड अरविंद सिंह ने बताया कि इस ट्रेनिंग से उन्हें जंगल में होने वाले अपराधों को पहचानने और रोकने की तकनीकी जानकारी हासिल हुई। वहीं, फॉरेस्ट गार्ड पंकज रावत का कहना था कि उन्हें पहली बार इतनी आधुनिक और व्यावहारिक पद्धति से वन्यजीव संरक्षण की शिक्षा मिली, जिससे उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा है और अब वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन और बेहतर तरीके से कर सकेंगे।
Forest Guard Training: मजबूत स्तंभ की तरह काम करेंगे
वन्यजीव प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक बिंदर पाल ने कहा कि यह प्रशिक्षण आने वाले समय के वन रक्षकों को जंगल की चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बनाता है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशिक्षित गार्ड्स भविष्य में जंगलों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में मजबूत स्तंभ की तरह काम करेंगे।
संरक्षण को और अधिक सशक्त बना रहा
इस तरह की पहल न केवल फॉरेस्ट गार्ड्स की क्षमताओं को नई दिशा देती है, बल्कि यह जंगलों और वहां रहने वाले वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा और अहम कदम साबित हो रही है। सरकार और वन विभाग का यह प्रयास राज्य में वन्यजीव संरक्षण को और अधिक सशक्त बना रहा है।
