Forbidden on Thursday: हिंदू धर्म में हफ्ते के सातों दिन किसी न किसी भगवान का विशेष दिन होता है। हर दिन का अपना विशेष महत्व होता है। इसी क्रम में गुरुवार की बात करें तो यह दिन देवाताओं के गुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। बृहस्पति ग्रह को ज्ञान, धन, धर्म और गुरु तत्व का कारक माना गया है। इस दिन कई लोग व्रत करते हैं। पीले वस्त्र का धारण करते हैं। भगवान को पीले फल – फूल अर्पित किए जाते हैं। और विशेष रूप से बृहस्पति देव की पूजा करते हैं।
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गुरुवार का व्रत विशेष रूप से गृहस्थ जीवन की सुख-शांति, संतान सुख, धन-समृद्धि और वैवाहिक जीवन की स्थिरता के लिए किया जाता है। लेकिन इस दिन कुछ कार्य ऐसे हैं जिनसे परहेज करने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं कि गुरुवार को क्या नहीं करना चाहिए और इसके पीछे क्या मान्यता है।
बाल, दाढ़ी या नाखून काटने की मनाही..
हिंदू परंपरा में गुरुवार को बाल, दाढ़ी या नाखून काटने की मनाही है। ऐसा माना जाता है कि ये क्रियाएं शरीर की “ऊर्जा” को कम करती हैं और गुरुवार का दिन आत्मिक व आध्यात्मिक उन्नति के लिए होता है, इसलिए इस दिन शरीर से जुड़े किसी भी हिस्से को काटना अपशकुन माना जाता है।
पौराणिक कारण-
बृहस्पति देव ज्ञान और पवित्रता के प्रतीक हैं। उन्हें शरीर की शुद्धता और संयम प्रिय है, इसलिए बाल या नाखून काटने जैसी चीजें इस दिन अनुचित मानी जाती हैं।
बालों में तेल नहीं लगाना…
गुरुवार को तेल लगाने से भी परहेज करने की बात कही गई है। माना जाता है कि तेल लगाने से बृहस्पति देव नाराज होते हैं और इसका प्रभाव व्यक्ति की आर्थिक स्थिति और मानसिक संतुलन पर पड़ सकता है।
धार्मिक मान्यता-
तेल तामसिक प्रकृति का माना जाता है और गुरुवार को सात्विकता बनाए रखना आवश्यक होता है। इसी कारण इस दिन तेल से दूर रहना चाहिए।
कपड़े और बर्तन न धोना…
गुरुवार को कपड़े और बर्तन धोना भी वर्जित माना गया है। इसका कारण यह है कि यह दिन गुरु की सेवा और पूजा का है, न कि भौतिक सफाई-संभार का। विशेष रूप से जो महिलाएं बृहस्पति का व्रत रखती हैं, उन्हें इस दिन कपड़े-बर्तन धोने से मना किया जाता है।
लोक मान्यता-
कपड़े-बर्तन धोने को लक्ष्मी के अपमान से जोड़कर देखा गया है। कहा जाता है कि इस दिन ऐसा करने से लक्ष्मी जी रुष्ट होती हैं और घर से धन की बरकत चली जाती है।

हेयर कलर, ब्लीच या फेशियल न करवाना…
आज के समय में लोग ब्यूटी ट्रीटमेंट की ओर आकर्षित हैं, लेकिन हिंदू परंपराओं में गुरुवार को किसी भी प्रकार का सौंदर्य उपचार जैसे हेयर कलरिंग, फेशियल या ब्लीच को अनुचित माना गया है।
कारण-
यह दिन आत्मिक शक्ति बढ़ाने, ध्यान, मंत्र जाप और गुरु भक्ति का होता है। बाहरी सौंदर्य पर फोकस करने की बजाय आंतरिक शुद्धता पर ध्यान देना चाहिए।
घर की सफाई या झाड़ू लगाना..
कई परंपराओं में गुरुवार को झाड़ू लगाने और घर की गहन सफाई को भी निषेध माना गया है।
धार्मिक मान्यता-
झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है और गुरुवार को झाड़ू लगाना लक्ष्मी को घर से बाहर करने के समान होता है। इसलिए इस दिन घर की गहरी सफाई से परहेज करना चाहिए।
नया कार्य शुरू न करें…
गुरुवार को नया व्यापार, प्रोजेक्ट या नया कार्य शुरू करने से मना किया गया है।
ज्योतिषीय कारण-
बृहस्पति देव गुरु और सलाहकार के रूप में जाने जाते हैं। उन्हें स्थिरता और गंभीरता प्रिय होती है। नया कार्य गुरुवार को शुरू करने से सफलता की गारंटी नहीं मानी जाती।
उधार देना या लेना मना..
गुरुवार को उधार देना या लेना दोनों अशुभ माने जाते हैं। खासकर धन संबंधी लेन-देन से बचना चाहिए।
कारण-
धन का लेन-देन इस दिन आपकी आर्थिक ऊर्जा को कमजोर कर सकता है और आने वाले समय में धन की कमी का कारण बन सकता है।
मांसाहार और शराब से परहेज..
गुरुवार को मांस-मछली, अंडा, और शराब का सेवन पूरी तरह वर्जित माना गया है।
धार्मिक कारण-
यह दिन बृहस्पति देव को समर्पित है और वे सात्विक आहार प्रिय मानते हैं। मांसाहार या शराब का सेवन इस दिन बृहस्पति की कृपा को कम कर सकता है।
पीली चीजें न खरीदें…
गुरुवार को पीले रंग से जुड़ी वस्तुएं, जैसे चना दाल, हल्दी, पीले वस्त्र, सोना आदि खरीदने से परहेज करने की सलाह दी जाती है, खासकर अगर कोई व्रत कर रहा हो।
कारण-
इन वस्तुओं का संबंध बृहस्पति ग्रह से होता है। इन्हें इस दिन खरीदने की बजाय दान करना शुभ माना जाता है।
