foot burning sensation: अगर आपको भी पैरों में बार-बार जलन या दर्द की शिकायत रहती है, तो इसे हल्के में न लें। बहुत से लोग इसे सामान्य थकान या कमजोरी समझकर मेडिकल जांच नहीं कराते, लेकिन यह लक्षण किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है।
पहले यह समस्या बुजुर्गों में आम थी, लेकिन अब 40-50 वर्ष की उम्र के लोग और युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। पैरों में जलन और दर्द के कई कारण हो सकते हैं जैसे अंदरूनी चोट, फंगल संक्रमण (एथलीट फुट), विटामिन की कमी या नसों से जुड़ी कोई समस्या।

foot burning sensation: डायबिटीज का प्रभाव:
डायबिटीज लंबे समय तक कंट्रोल न होने पर नसों पर असर डालती है, जिससे नसों में सूजन और नर्व डैमेज हो सकता है, जिसे न्यूरोपैथी कहा जाता है। इसमें पैरों में जलन, झनझनाहट, सुन्नपन और तेज दर्द होने लगता है। समय रहते इलाज न हो तो यह घाव, संक्रमण और अल्सर का कारण भी बन सकता है।
foot burning sensation: विटामिन की कमी:
विटामिन B12 और C की कमी से भी नसें कमजोर होती हैं, जिससे पैरों में सुन्नपन, जलन या झनझनाहट महसूस हो सकती है। संतुलित आहार की कमी से यह समस्या और बढ़ सकती है।
रक्त प्रवाह में बाधा:
कभी-कभी पैरों की नसों में रक्त प्रवाह सही न होने से सूजन और दर्द होने लगता है। खून का थक्का (ब्लड क्लॉट) बनने से नसें फूल जाती हैं और चलने में परेशानी होती है।
foot burning sensation: साइटिका:
अगर रीढ़ की हड्डी से निकलने वाली नसों पर दबाव पड़ता है, तो यह दर्द पैरों तक फैल सकता है। इसे साइटिका कहा जाता है और इसमें पैरों में जलन और तेज दर्द की शिकायत होती है।
त्वचा संबंधी समस्याएं:
फंगल संक्रमण, एलर्जी या एथलीट फुट जैसी त्वचा की बीमारियों से भी पैरों में जलन हो सकती है।
foot burning sensation: बचाव के उपाय:
डायबिटीज है तो ब्लड शुगर नियंत्रित रखें
विटामिन युक्त संतुलित आहार लें
आरामदायक व कॉटन के मोज़े-जूते पहनें
रोज हल्का व्यायाम करें
धूम्रपान और शराब से बचें
पैरों में लगातार जलन या दर्द हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, ताकि सही कारण जानकर समय रहते इलाज शुरू किया जा सके।
