देशभर में मानसून ने एक बार फिर तबाही मचाई है। उत्तर प्रदेश में यमुना का जलस्तर बढ़ने से ताजमहल तक पानी पहुंच गया, वहीं गुजरात और महाराष्ट्र में भारी बारिश ने बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर दी। हिमाचल प्रदेश में भी अब तक बारिश से जुड़े हादसों में 145 मौतें हो चुकी हैं। इन आपदाओं ने न केवल जन-जीवन को प्रभावित किया, बल्कि इन्फ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक नुकसान भी भारी हुआ है। आइए, जानते हैं देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश और बाढ़ ने किस तरह तबाही मचाई।
उत्तर प्रदेश: यमुना का जलस्तर बढ़ने से ताजमहल तक पानी
यमुना नदी ने इस बार अपने स्तर को पार करते हुए ताजमहल तक पहुंचने का संकट पैदा कर दिया है। मथुरा में यमुना के कटान के कारण नदी अपना रास्ता बदलकर 2 किलोमीटर दूर बह रही है। इसके चलते 40 गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। आगरा में भी यमुना के पानी ने शहर के निचले इलाकों में घुसने की कोशिश की, जिससे लोग भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। इस क्षेत्र में गंगा और रामगंगा नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे 100 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
उत्तराखंड: रुद्रप्रयाग में लैंडस्लाइड, बद्रीनाथ और गंगोत्री हाईवे बंद
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में भारी बारिश के कारण लैंडस्लाइड हुआ, जिससे बद्रीनाथ हाईवे पूरी तरह से बंद हो गया। गंगोत्री हाईवे भी कई स्थानों पर बाधित हो गया है। प्रशासन ने मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है, लेकिन जाम और यातायात की स्थिति अभी भी गंभीर है। इसी दौरान यमुनात्री हाईवे भी नारदचट्टी के पास बंद हो गया है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है।

गुजरात और महाराष्ट्र: बाढ़ जैसे हालात
गुजरात और महाराष्ट्र में बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। जूनागढ़ में 12 घंटों में 331mm बारिश हुई, जिससे इलाके में जलभराव की स्थिति बन गई। पोरबंदर में एनडीआरएफ ने बच्चों और शिक्षकों को बाढ़ से सुरक्षित निकाला। महाराष्ट्र में भी बारिश का दौर जारी है, और राज्य के कुछ हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मुंबई में भारी बारिश के बाद कई ट्रेनें लेट हो गईं, जिससे यात्री परेशान हुए। ठाणे जिले में एक खदान में पानी भरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।
हिमाचल प्रदेश: 145 मौतें और 2281 करोड़ का नुकसान
हिमाचल प्रदेश में मानसून ने अब तक 145 लोगों की जान ले ली है और 2281 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। राज्य में लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण सड़कों, पुलों और घरों को भारी नुकसान हुआ है। विशेष रूप से कांगड़ा और सोलन जिले में स्थिति और भी गंभीर है।
पंजाब: पाकिस्तान के पानी से बाढ़ का खतरा
पंजाब में पाकिस्तान से आ रहे पानी के कारण बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। धुस्सी बांध टूटने से भारतीय सीमा में पानी घुसने लगा है, और फिरोजपुर और फाजिल्का जिलों के कई गांवों में पानी भर गया है। बीएसएफ ने रेत के बोरों से पानी रोकने की कोशिश की, लेकिन हालात नियंत्रण से बाहर होते जा रहे हैं।
राजस्थान: मूसलधार बारिश और जलभराव
राजस्थान में भी मानसून ने अपनी ताकत दिखाई है। भीलवाड़ा और पाली में मूसलधार बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव हो गया है। जयपुर और आसपास के इलाकों में भारी बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। राज्य सरकार ने 28 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है।

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