छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा और कवर्धा जिलों में धान खरीदी के दौरान बारदाने में आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। जांजगीर-चांपा के लगरा सेवा सहकारी समिति में 40 गठान बारदाने में अचानक आग लग गई, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। वहीं कवर्धा जिले के कुंआमालगी गांव में भी 500 से अधिक धान बोरों में आग लगी।
नुकसान और प्रशासन की प्रतिक्रिया
इन आगजनी की घटनाओं में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है और ग्रामीणों में नाराजगी है। माना जा रहा है कि सुरक्षा व्यवस्था में चूक के कारण ये दुर्घटनाएं हुई हैं। पुलिस और प्रशासन ने घटनाओं की जांच शुरू कर दी है और खरीदी केंद्रों में सुरक्षा कड़ी करने के निर्देश दिए गए हैं।
READ MORE :मुंबई-रायपुर के बीच इंडिगो की 1 फरवरी से चौथी उड़ान होगी शुरू
धान खरीदी का वर्तमान हालात
प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू हो चुकी है। पहले दिन प्रदेश के 195 उपार्जन केंद्रों पर 19,464 क्विंटल धान खरीदा गया। खरीदी के दौरान इस तरह की घटनाओं से किसानों का भरोसा प्रभावित हो रहा है। प्रशासन ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
40 गठान बारदाना जलकर राख
पहली घटना जांजगीर-चांपा जिले की पामगढ़ थाना क्षेत्र के लगरा सेवा सहकारी समिति की है। यहां धान खरीदी केंद्र के सामने चबूतरे में रखे 40 गठान नए बारदाने में अचानक आग लग गई। आग लगने के कारण बारदाना जलकर राख हो गया और करीब 20 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
सुरक्षा और भविष्य की योजनाएं
शासन ने खरीदी केंद्रों पर सुरक्षा के इंतजाम ढंग से करने और आग जैसी अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की योजना बनाई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कांट-प्रत्यक सुरक्षा उपायों को लागू करें और आपातकालीन स्थिति के लिए तैयारी रखें।
धान खरीदी के महत्वपूर्ण सीजन में बारदानों में आग लगने की घटनाएं चिंता का विषय हैं। इसकी वजह से न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि किसानों की बेचैनी भी बढ़ रही है। प्रशासन की मजबूत निगरानी और सुरक्षा उपाय ही इस संकट से निपटने का रास्ता हैं।
