बीएसई-सेबी के अधिकारियों के खिलाफ भी दर्ज किए जाएंगे मामले
former sebi chief : मुम्बई में भ्रष्टाचार रोधी विशेष अदालत ने सेबी के पूर्व अध्यक्ष माधवी पुरी बुच के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करने का आदेश दिया है। माधवी के अलावा अदालत ने शेयर बाजार में धोखाधड़ी और नियामकीय उल्लंघनों के मामले में बंबई शेयर बाजार (बीएसई) और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज करने का आदेश दिया है।
शेयर बाजार धोखाधड़ी मामले में पत्रकार की शिकायत
पीटीआई ने शनिवार को यह जानकारी दी। विशेष न्यायाधीश एसई सिंह ठाणे के पत्रकार स्वप्न श्रीवास्तव की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। बांगड़ ने यह आदेश दिया है। सपन ने स्टॉक एक्सचेंज में एक कंपनी की लिस्टिंग में बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था।
एसीबी को 30 दिनों के भीतर स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है शिकायत और सहायक दस्तावेजों की समीक्षा करने के बाद, न्यायमूर्ति बांगड़ ने आदेश जारी किया। न्यायाधीश ने मुंबई में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा भारतीय दंड संहिता, भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम और सेबी अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। अदालत ने एसीबी को 30 दिनों के भीतर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।
former sebi chief शिकायतकर्ता की तीन दलीलें…
- सेबी के अधिकारी अपने कानूनी कर्तव्य में विफल रहे।
- बाजार में हेरफेर की अनुमति दी गई जिससे निवेशकों को नुकसान हुआ।
- नियमों का पालन नहीं करने वाली कंपनियों को लिस्टिंग की अनुमति दी गई थी
- अब जानते हैं माधवी बुच के बारे में
बुच ने अपने करियर की शुरुआत 1989 में आईसीआईसीआई बैंक से की थी। वह 2007 से 2009 तक आईसीआईसीआई बैंक में कार्यकारी निदेशक थीं। वह फरवरी 2009 से मई 2011 तक आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक और सीईओ थी।
