Ashoknagar: मध्य प्रदेश की राजनीति में शनिवार को उस समय हलचल मच गई जब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। यह कार्रवाई अशोकनगर जिले के मुंगावली थाना क्षेत्र में एक वायरल वीडियो को लेकर की गई है जिसमें एक युवक ने यह दावा किया था कि उसे मारपीट कर गंदगी खिलाई गई।
अब इस मामले ने ड्रामाई मोड़ ले लिया है, क्योंकि वही युवक अब अपने आरोपों से पलट गया है। उसने कलेक्टर को दिए शपथ-पत्र में साफ किया है कि उसने जो कहा वह झूठा था और राजनीतिक दबाव में आकर कहा गया था।
वायरल वीडियो ने मचाई थी सनसनी
यह मामला तब शुरू हुआ जब 26 जून 2025 को फेसबुक पर एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में एक युवक यह दावा कर रहा था कि गांव के कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट कर जबरन गंदगी खिलाई। यह वीडियो सामने आते ही कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाकर बीजेपी सरकार को घेरना शुरू कर दिया।
शपथ-पत्र में युवक ने पलटी कहानी
लेकिन अब इस मामले ने पूरी करवट ले ली है। ग्राम मूड़रा निवासी युवक ने अशोकनगर कलेक्टर को शपथ-पत्र सौंपा है। उसमें उसने स्वीकार किया है कि –“मुझसे केवल मारपीट हुई थी, गंदगी खिलाने जैसी कोई घटना नहीं हुई।”उसने आगे कहा कि –“25 जून को कांग्रेस के कुछ नेता मुझे ओरछा ले गए जहां जीतू पटवारी से मुलाकात कराई गई। वहां मुझे झूठे आरोप लगाने को उकसाया गया, बदले में मुझे मोटरसाइकिल और परिवार की देखभाल का वादा किया गया।”
जीतू पटवारी पर भड़काने और वीडियो वायरल कराने का आरोप
शपथ-पत्र में युवक ने यह भी कहा कि –“जीतू पटवारी ने मुझे भीड़ से अलग ले जाकर कहा कि तुम बोलो कि तुम्हें गंदगी खिलाई गई है। उन्होंने बयान का वीडियो बनवाया और उसे वायरल कराया।”युवक के अनुसार, उसने यह झूठ मानसिक तनाव और दबाव में आकर बोला। अब उसने खुद यह साफ किया है कि –“यह सब राजनीतिक षड्यंत्र था और इसका उद्देश्य जातीय वैमनस्य फैलाना था।”
FIR दर्ज, कई धाराएं लगाईं गईं
युवक के शपथ-पत्र के आधार पर पुलिस ने जीतू पटवारी और अन्य लोगों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 61(2), 196(1)(A), 197(1)(c), 229(2), 237, 353(1)(c) के तहत मामला दर्ज किया है।
इन धाराओं में शामिल हैं
झूठे सबूत बनाना
जातीय वैमनस्य फैलाने का प्रयास
सरकारी प्रक्रिया को बाधित करना
राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस केस को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। बीजेपी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस राजनीति में झूठ और भावनाओं से खेल रही है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि यह FIR सरकार के दबाव में दर्ज की गई है और असली अपराधियों को बचाया जा रहा है।
पुलिस जांच जारी मुंगावली पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। युवक के पहले के बयान और अब दिए गए शपथ-पत्र के आधार पर कई कांग्रेस नेताओं की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। अब पुलिस यह भी पड़ताल कर रही है कि क्या युवक को झूठे बयान देने के लिए पैसे या सुविधाओं का लालच दिया गया।
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