FIFA Club World Cup 2025: चेल्सी फुटबॉल क्लब ने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्यों उन्हें यूरोप की सबसे मजबूत क्लब टीमों में गिना जाता है। 13 जुलाई को न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए FIFA क्लब वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में चेल्सी ने पेरिस सेंट जर्मेन (PSG) को शानदार अंदाज में 3-0 से शिकस्त दी और दूसरी बार खिताब अपने नाम किया।
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चेल्सी ने इससे पहले 2021 में पहली बार FIFA क्लब वर्ल्ड कप का खिताब जीता था। इस बार का टूर्नामेंट खास रहा क्योंकि पहली बार 32 टीमों के साथ यह मुकाबला नए फॉर्मेट में खेला गया। टूर्नामेंट की शुरुआत 14 जून से हुई थी।
कोल पाल्मर का शानदार प्रदर्शन…
मैच के हीरो रहे चेल्सी के युवा स्टार कोल पाल्मर, उन्होंने 22वें और 30वें मिनट में 2 शानदार गोल दागे और PSG की डिफेंस को पूरी तरह तोड़ दिया।
पहले हाफ के आखिरी समय में चेल्सी के जोआओ पेड्रो ने 43वें मिनट में तीसरा गोल करके PSG की उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेर दिया।
📸 Cole Palmer had a MEMORABLE time vs PSG in the FIFA Club World Cup 2025 Final.#FIFAClubWorldCup2025|#FIFACWC pic.twitter.com/uAmIZ4rEmf
— FIFA World Cup Stats (@alimo_philip) July 13, 2025
पाल्मर को मिला गोल्डन बॉल…
अपने दमदार प्रदर्शन के लिए कोल पाल्मर को गोल्डन बॉल अवॉर्ड से नवाजा गया, जो कि टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को दिया जाता है। पाल्मर ने टूर्नामेंट में कुल तीन गोल और दो असिस्ट किए।
वहीं चेल्सी के गोलकीपर रॉबर्ट सांचेज को गोल्डन ग्लव अवॉर्ड मिला, जो कि बेस्ट गोलकीपर को दिया जाता है।
My favourite football photo of all time. No picture beats this. #FIFAClubWorldCup2025 pic.twitter.com/RxLCPKMEL3
— KEMKEM (@KemkemCrypt) July 13, 2025
दुनिया की बेस्ट टीम तय करने का मंच…
FIFA क्लब वर्ल्ड कप की शुरुआत साल 2000 में हुई थी। यह टूर्नामेंट हर साल FIFA द्वारा आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य दुनिया की बेहतरीन क्लब टीम का चुनाव करना होता है।
इस बार का फॉर्मेट बेहद खास रहा क्योंकि पहली बार 32 इंटरनेशनल क्लब टीमें मैदान में उतरीं।

PSG ने भले ट्रेबल जीता, लेकिन चेल्सी के आगे फीके पड़े..
पेरिस सेंट जर्मेन (PSG) इस सीजन शानदार फॉर्म में थी। टीम ने लीग 1, फ्रेंच कप और UEFA चैंपियंस लीग जीतकर “ट्रेबल” अपने नाम किया — जो किसी भी फ्रेंच क्लब के लिए ऐतिहासिक था।
लेकिन चेल्सी के खिलाफ फाइनल में PSG की रणनीति कमजोर नजर आई और पूरी टीम एक भी गोल नहीं कर सकी।
