sehore daughter cremation roadside:- सीहोर की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने हर किसी का दिल दहला दिया है. जब इंसानियत थक जाती है और सिस्टम बेबस नजर आता है, तो लोगों के कदम ऐसे कदम उठाने पर मजबूर हो जाते हैं. खबर मध्य प्रदेश के सीहोर की है. जहां 6 जनवरी को एक पिता ने अपनी नवजात बेटी का अंतिम संस्कार सड़क किनारे ही कर दिया. यह घटना सीहोर-भेरुदा मार्ग की है, जहां संतोष जाट अपने अन्य बेटियों के साथ मृत बच्ची का अंतिम संस्कार करता दिखाई दिया. जिसकी तस्वीर अब सामने आई है
पिता का दर्द
5 जनवरी को संतोष जाट ने नवजात बेटी की मौत के बाद जिला अस्पताल के सामने सड़क पर धरना दिया था. उनका आरोप है कि अस्पताल ने बच्ची को कई दिनों तक आईसीयू में रखा, पर जब उसकी मृत्यु हो गई तो अस्पताल स्टाफ का व्यवहार अच्छा नहीं था. बेटी के लिए वाहन की मांग करने पर भी उन्हें कोई मदद नहीं मिली. जबकि उनका घर 150 किलोमीटर दूर था. मजबूर होकर उन्होंने सड़क किनारे ही अंतिम संस्कार किया.
अस्पताल प्रशासन ने जारी किया नोटिस
परिवार के आरोपों पर अस्पताल प्रशासन ने स्टाफ और चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. सीएमएचओ ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
सवाल वही
यह घटना अस्पताल व्यवस्था और संवेदनशीलता की कमी को उजागर करती है. जब अंतिम संस्कार के लिए भी सही व्यवस्था न हो, तो परिवार किस भरोसे अस्पताल आता है? इस घटना ने मानवता और स्वास्थ्य सेवा के बीच गहरी खाई को उजागर किया है.
Also Read:- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की
