Fatehpur Rape and Murder Case: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद न्यायालय में आज एक दिल दहला देने वाले मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया। जज अशोक कुमार ने 19 साल की लड़की से दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में मुख्य आरोपी अजय उर्फ शीलू को फांसी की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, दो अन्य दोषियों, अवनीश उर्फ छोटू और माया देवी, को सात-सात साल की कठोर कारावास की सजा और 10,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। इस फैसले ने पीड़िता के परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया है, और परिजनों ने न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
पहले किडनैपिंग, फिर रेप
बता दे कि, यह भयावह घटना 30 मई 2022 को हुई थी, जब कानपुर नगर के बौहारा गांव की रहने वाली 19 वर्षीय युवती, जो टीईटी की तैयारी के लिए जहानाबाद कोचिंग पढ़ने जाती थी, कोचिंग से लौटते समय अगवा कर लिया गया था। तीन आरोपियों ने उसे फतेहपुर के खैराबाद के जंगलों में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर उसकी निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने युवती का शव जंगल से बरामद किया था, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर 24 चोटों के निशान पाए गए थे, जो इस अपराध की क्रूरता को दर्शाते हैं।
आरोपी को मिली फांसी की सजा
मामले की सुनवाई के दौरान जज अशोक कुमार ने नौ गवाहों की गवाही और ठोस साक्ष्यों के आधार पर अपना फैसला सुनाया। मुख्य आरोपी अजय उर्फ शीलू को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई, जबकि साजिश में शामिल अवनीश उर्फ छोटू और माया देवी को आजीवन कारावास की सजा दी गई। कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट किया कि यह अपराध सुनियोजित और अत्यंत क्रूर था। जज ने अपने फैसले में इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के जघन्य अपराध समाज के लिए खतरा हैं और इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
Fatehpur Rape and Murder Case: 3 साल की लंबी लड़ाई
पीड़िता के परिवार ने इस फैसले को न्याय की जीत बताया। उन्होंने कहा कि तीन साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद उन्हें अपनी बेटी के लिए इंसाफ मिला है। परिजनों ने न्यायालय और जांच एजेंसियों का आभार जताया, जिन्होंने इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की। स्थानीय लोगों ने भी इस फैसले का स्वागत किया और इसे महिलाओं के खिलाफ अपराधों के लिए एक कड़ा संदेश बताया।
यह मामला समाज में महिलाओं की सुरक्षा और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करता है। फतेहपुर पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया था, और अब कोर्ट के इस फैसले से यह संदेश गया है कि जघन्य अपराध करने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी।
