रास्ते में इलेक्ट्रिक ट्रेनों को 25000 वोल्ट की बिजली सप्लाई करने वाला OHE तार टूटकर रेलवे ट्रैक को छूने लगा था। चिंगारी निकलने लगी और पटरी में गड्ढे हो गए। पास के ग्राउंड में क्रिकेट खेल रहे लड़कों ने टूटे तार से चिंगारी निकलती देखी, तो उन्होंने तुरंत एक लाल कपड़ा लिया और ट्रेन को दिखाया। लाल कपड़ा देखकर लोको पायलट ने ट्रेन रोक दी।

तार टूटा, उठी चिंगारिया
लोको पायलट नीचे उतरे और उन्होंने युवकों से ट्रेन रोकने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि पतंग फंसने की वजह से OHE तार टूट गया है। वह पटरी से भी टच हो रहा है। इस बीच यात्री भी नीचे उतर आए। सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। कर्मचारियों ने लटक रहे तार को ऊपर कराया और स्थिति सामान्य को सामान्यकिया। करीब 1 घंटे तक ट्रेन ट्रैक पर खड़ी रही। इसके बाद वापस फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन लौट गई। 3 घंटे बाद ट्रेन छपरा के लिए रवाना हुई। लड़कों की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया।


Farrukhabad OHT Line Break: ऐसे टूटा तार
RPF प्रभारी निरीक्षक ओम प्रकाश मीणा ने ओएचई में उलझी पतंग कब्जे में ली। पतंग में डोर के साथ स्टील का पतला तार बंधा था। शाम 4:10 बजे कन्नौज से रेलवे की OHE टावर वैन पहुंची और लाइन दुरुस्त कराई गई। उसके बाद 5:14 बजे उत्सर्ग एक्सप्रेस को रवाना किया गया। इस दौरान बाकी ट्रेने भी रोक दी गई। उधर फर्रुखाबाद में कासगंज-कानपुर अनवरगंज एक्सप्रेस को भी 5:18 बजे रवाना किया गया।
